Himachal: भारी बारिश से पौंग बांध का जलस्तर 1351.20 फीट तक पहुंचा,पंडोह डैम के पांचों गेट खोले
बीबीएमबी के अधिशासी अभियंता ई. राजेश हांडा ने बताया कि भारी बरसात के कारण ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से वीरवार दोपहर से डैम की फ्लशिंग का कार्य भी शुरू कर दिया गया। यह शुक्रवार शाम 6:00 बजे तक जारी रहेगा।
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भारी बारिश के कारण ब्यास नदी के जलस्तर में गुरुवार को एकाएक भारी बढ़ोतरी हो गई। इसके चलते बीबीएमबी को पंडोह डैम के सभी पांचों गेट से पानी छोड़ना पड़ा। बीबीएमबी के अधिशासी अभियंता ई. राजेश हांडा ने बताया कि भारी बरसात के कारण ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से वीरवार दोपहर से डैम की फ्लशिंग का कार्य भी शुरू कर दिया गया। यह शुक्रवार शाम 6:00 बजे तक जारी रहेगा। इससे पावर हाउस डैहर में विद्युत उत्पादन बंद रहेगा। बारिश से पहले डैम का जलस्तर 23000 क्यूसिक था। भारी बारिश के बाद झील का जलस्तर 55000 क्यूसिक हो गया। इस समय डैम की झील का जलस्तर 2923 फीट है। यह अभी खतरे के निशान से नीचे है। बग्गी सुरंग को भी शाम तक धीरे-धीरे बंद कर दिया जाएगा।
इस कारण बीबीएमबी के सलापड़ स्थित पावर हाउस में 24 घंटे बिजली उत्पादन बंद रहेगा। इस बारे में जिला प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है। उन्होंने आम जनमानस से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति व्यास नदी के किनारे न जाए। पानी कभी भी कम और ज्यादा किया जा सकता है। बता दें कि फ्लशिंग का यह कार्य पंडोह डैम से गाद निकालने के लिए अति महत्वपूर्ण होता है। इस कार्य को पूरा करने के लिए बीबीएमबी की ओर से विशेष प्रबंध किए जाते हैं। इसके चलते झील में भरी गाद धीरे-धीरे ब्यास के उफान के साथ बह जाती है। झील का बहुत सारा हिस्सा मिट्टी-गाद से खाली हो जाता है।
डैम में जलमग्न होने लगे पुराने मंदिर, कुएं और अन्य आकर्षित स्थान
प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते इस बार पौंग बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के एसडीओ राकेश संधू ने बताया कि सभी क्षेत्रों में हुई दिन-रात बारिशों से वीरवार को बांध के अधिकारियों के आंकड़ों के हिसाब से पौंग बांध का जलस्तर 1351.20 फीट तक हुआ है। पानी का इनफ्लो 86897 सीआर और आउटफ्लो 7084 है। हालांकि, अभी डैम का जलस्तर पिछले वर्षों से कुछ कम है। अभी बरसात में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। पौंग डैम के जल का उच्च स्तर 1410 फीट है तथा 1,380 फीट तक भरने के बाद डैम खतरे के निशान पर रहता है। उन्होंने बांध में मछुआरों को चेतावनी दी कि मछली शिकार पर लगे प्रतिबंध को हटाने के बाद वह विभाग की चेतावनियों पर अमल करें। डैम में जलस्तर बढ़ने के साथ डैम में स्थित आकर्षित स्थल, मंदिर व कुएं आदि जलमग्न हो रहे हैं।

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