मेहमानवाजी: ठंड कम, गर्माहट ज्यादा, आसन बैराज से लौटने लगे मेहमान परिंदे
हिमाचल प्रदेश के आसन बैराज पहुंचे देसी-विदेशी परिंदे अब वापस लौट रहे हैं। मौसम में जल्दी गर्माहट शुरू होने पर मध्य फरवरी में ही मेहमान परिंदों ने अपने वतन लौटना शुरू कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज में पहुंचे देसी-विदेशी परिंदे वापस लौटने लगे हैं। ये परिंदे अक्तूबर से मार्च तक मौसम ठंडा रहने पर बैराज में डेरा जमाए रहते हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रजातियां कम पहुंचीं, लेकिन परिंदों की संंख्या 5,806 पहुंच गई। इसमें करीब 581 परिंदे अधिक हैं। हालांकि, इस बार मौसम में जल्दी गर्माहट शुरू होने पर मध्य फरवरी में ही मेहमान परिंदों ने अपने वतन लौटना शुरू कर दिया है। आसन बैराज में 18 जनवरी 2026 को पक्षियों की गणना हुई थी। एशियन वाटर बर्ड सेंसस (एडब्ल्यूसी) में 126 प्रजातियों के 5,806 परिंदे आंके गए। इसमें पिछले साल की तुलना में 45 प्रजातियां कम हैं। अब प्रवासी परिंदों की कई प्रजातियों ने समय से पहले स्वदेश लौटना शुरू कर दिया है। इसकी वजह दिन और रात के तापमान में अंतर को माना जा रहा है।
वन दारोगा प्रदीप सक्सेना ने बताया कि स्थानीय डीएफओ वैभव सिंह के निर्देश पर प्रवासी परिंदों की सुरक्षा के लिए वन टीम की दिन-रात गश्त जारी है। रुडी शेलडक, कामन कूट व गैडवाल प्रजातियों के परिंदों की संख्या में कमी आई है। खास बात यह है कि आसन बैराज में सात संकटग्रस्त श्रेणी की प्रजातियां भी प्रवास पर हैं। इसमें स्टेप ईगल, कॉमन पोचार्ड, फेरुगिनस डक, इजिप्शियन वल्चर, पलास फिश ईगल, एशियन वूली नेक्ड स्टार्क, रिवर लैपविंग शामिल हैं।