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Shimla News: केएनएच में चलती रहेगी गायनी रोगियों के लिए इमरजेंसी सेवाएं
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गायनेकोलॉजी विभाग को आईजीएमसी कर दिया है शिफ्ट, कुछ समय के लिए केएनएच में गायनी ओपीडी में उपलब्ध रहेंगे चिकित्सक
धीरे-धीरे ओपीडी को पूरी तरह कर दिया जाएगा शिफ्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू मातृ एवं शिशु अस्पताल (केएनएच) से गायनेकोलॉजी विभाग को पूरी तरह से आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया है लेकिन इमरजेंसी सेवाएं अभी भी केएनएच में ही चलेंगी। आईजीएमसी
के बी ब्लॉक में गायनेकोलॉजी
स्त्री रोगियों की ओपीडी सेवाएं एक अप्रैल से शुरू कर दी हैं।
कमला नेहरू अस्पताल में भी पहले की तरह गायनी ओपीडी में चिकित्सक महिला रोगियों को अभी देखने और उपचार देने का काम कर रहे हैं ताकि अभी मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। धीरे-धीरे केएनएच में ओपीडी बंद कर महिला मरीजों को आईजीएमसी में ही उपचार के लिए जाना पड़ेगा। कमला नेहरू अस्पताल में प्रदेशभर से महिला मरीज उपचार करवाने के लिए आती हैं। कमला नेहरू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुंदर सिंह नेगी ने माना कि केएनएच में अस्थायी तौर पर गायनी ओपीडी जारी रखी है। इसके अलावा आपातकालीन विभाग भी अभी केएनएच में ही चल रहा है। कमला नेहरू अस्पताल में गायनी विभाग के शिफ्ट होने से पूर्व औसतन दो से ढाई सौ मरीज ओपीडी में आते थे। गायनी ओपीडी आईजीएमसी में शुरू होने से मरीजों की संख्या आने वाले समय में कम होगी।
आईजीएमसी में 50 बिस्तरों की व्यवस्था
केएनएच से गायनेकोलॉजी विभाग के आईजीएमसी शिफ्ट किए जाने के बाद अब केएनएच में प्रसूति महिलाओं को ही भर्ती कर उपचार और ओपीडी की सेवाएं दी जाएंगी। गायनी विभाग को आईजीएमसी में 50 बिस्तर मिल चुके हैं। वहीं पर गायनी संबंधित रोगियों का उपचार और सर्जरी के लिए भर्ती किया जाएगा। विभाग शिफ्ट होने के बाद केएनएच में प्रसूति मामलों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ गई है। यह अब 274 हो गई है। इसके अलावा 26 स्पेशल वार्ड भी इन प्रसव वाली महिलाओं के लिए उपलब्ध रहेंगे। गायनी के भर्ती मरीजों के उपचार, सर्जरी होने के कारण उन्हें अधिक दिन एडमिट रहना पड़ता था। इनकी संख्या 10 से 15 फीसदी तक ही रहती थी। अब यह बिस्तर और प्रसव वाली महिलाओं के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।
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शिमला। कमला नेहरू मातृ एवं शिशु अस्पताल (केएनएच) से गायनेकोलॉजी विभाग को पूरी तरह से आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया है लेकिन इमरजेंसी सेवाएं अभी भी केएनएच में ही चलेंगी। आईजीएमसी
के बी ब्लॉक में गायनेकोलॉजी
स्त्री रोगियों की ओपीडी सेवाएं एक अप्रैल से शुरू कर दी हैं।
कमला नेहरू अस्पताल में भी पहले की तरह गायनी ओपीडी में चिकित्सक महिला रोगियों को अभी देखने और उपचार देने का काम कर रहे हैं ताकि अभी मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। धीरे-धीरे केएनएच में ओपीडी बंद कर महिला मरीजों को आईजीएमसी में ही उपचार के लिए जाना पड़ेगा। कमला नेहरू अस्पताल में प्रदेशभर से महिला मरीज उपचार करवाने के लिए आती हैं। कमला नेहरू अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुंदर सिंह नेगी ने माना कि केएनएच में अस्थायी तौर पर गायनी ओपीडी जारी रखी है। इसके अलावा आपातकालीन विभाग भी अभी केएनएच में ही चल रहा है। कमला नेहरू अस्पताल में गायनी विभाग के शिफ्ट होने से पूर्व औसतन दो से ढाई सौ मरीज ओपीडी में आते थे। गायनी ओपीडी आईजीएमसी में शुरू होने से मरीजों की संख्या आने वाले समय में कम होगी।
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आईजीएमसी में 50 बिस्तरों की व्यवस्था
केएनएच से गायनेकोलॉजी विभाग के आईजीएमसी शिफ्ट किए जाने के बाद अब केएनएच में प्रसूति महिलाओं को ही भर्ती कर उपचार और ओपीडी की सेवाएं दी जाएंगी। गायनी विभाग को आईजीएमसी में 50 बिस्तर मिल चुके हैं। वहीं पर गायनी संबंधित रोगियों का उपचार और सर्जरी के लिए भर्ती किया जाएगा। विभाग शिफ्ट होने के बाद केएनएच में प्रसूति मामलों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ गई है। यह अब 274 हो गई है। इसके अलावा 26 स्पेशल वार्ड भी इन प्रसव वाली महिलाओं के लिए उपलब्ध रहेंगे। गायनी के भर्ती मरीजों के उपचार, सर्जरी होने के कारण उन्हें अधिक दिन एडमिट रहना पड़ता था। इनकी संख्या 10 से 15 फीसदी तक ही रहती थी। अब यह बिस्तर और प्रसव वाली महिलाओं के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।