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Shimla News: दो महीने में आईजीएमसी में नशे की ओवरडोज से पांच युवकों की मौत, मृतकों में ज्यादातर टैक्सी चालक

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: शिमला ब्यूरो Updated Fri, 15 May 2026 12:00 PM IST
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सार

राजधानी शिमला में पिछले दो महीने के भीतर करीब पांच युवकों की चिट्टे की ओवरडोज से मौत के मामले सामने आए हैं। यह मामले शिमला जिला समेत आसपास के जिलों से आए थे। पढ़ें पूरी खबर...

Five young men have died of drug overdoses at IGMC in two months.
चिट्टा। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

पुलिस की नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के बावजूद चिट्टे का नशा युवाओं की जिंदगी को लील रहा है। आईजीएमसी में पिछले दो महीने के भीतर करीब पांच युवकों की चिट्टे की ओवरडोज से मौत के मामले सामने आए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि युवकों की मौत की वजह नशे का सेवन रहा है।
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यह मामले शिमला जिला समेत आसपास के जिलों से आए थे। फोरेंसिक मेडिसिन विभाग ने इन मामलों के सैंपल आगामी जांच के एफएसएल जुन्गा भेज दिए हैं। मृतकों में ज्यादातर टैक्सी चालक बताए जा रहे हैं। पिछले साल भी शहर में नशे से ओवरडोज के कई मामले सामने आए हैं। इसमें कई मामलों में पुलिस ने गैर ईरादतन हत्या के मामले भी दर्ज किए थे। इसके बावजूद जिले में नशे से ओवरडोज से मौत के मामले नहीं थम रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश में नशे का बढ़ता जाल अब गंभीर सामाजिक और कानून व्यवस्था की चुनौती बन चुका है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 66 लोगों की नशे की ओवरडोज से मौत के मामले सामने आ चुके हैं। इसमें वर्ष 2023 में 8, 2024 में 31 और 2025 में 27 मौतें दर्ज की गईं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वर्ष 2024 में ओवरडोज से मौतों में कई गुणा इजाफा हुआ है।

चिंता की बात यह है पुलिस की नशा माफिया पर कड़ी कार्रवाई के बावजूद नशे की वजह से युवाओं की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ज्यादातर मामलों में आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि इसलिए भी नहीं हो पाती है क्योंकि लोकलाज के कारण परिजन इस बारे में पुलिस को सूचना देते ही नहीं हैं और अस्पताल भी नहीं पहुंचते। यही वजह है कि सरकार और पुलिस के पास नशे की ओवरडोज से होने वाली मौत के मामलों का सही आंकड़ा नहीं मिल पाता है।

नशे की ओवरडोज से मौत की वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक अक्सर युवा या तो शौक के लिए या दोस्तों के दबाव में क्षमता से अधिक मात्रा में नशे का सेवन कर लेते हैं। इसे शरीर सहन नहीं कर पाता। अत्यधिक मात्रा में नशा लेने से शरीर में नशीले पदार्थों का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे श्वसन प्रणाली (सांस लेने की प्रक्रिया) रुक जाती है और हृदय गति रुकने से मृत्यु हो जाती है। रिपोर्ट में पाया गया है कि अधिकांश पीड़ित युवा हैं जो पार्टियों या दोस्तों के साथ नशा करते हैं और जानकारी के अभाव में ओवरडोज का शिकार हो जाते हैं। सिंथेटिक ड्रग में टेलकम पाउडर और नशीली दवाओं की मिलावट भी कई बार मौत की वजह बन जाती है।
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