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संजौली मारपीट मामला: कानून हाथ में लेना पड़ा महंगा, मारपीट और जुलूस निकालने के मामले में कुल छह आरोपी गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 08 Jun 2026 02:12 PM IST
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सार
संजौली में दुकान में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और दो लोगों का सार्वजनिक जुलूस निकालने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। नई गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में कुल छह आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। पढ़ें पूरी खबर...
संजौली में पुलिस स्टेशन के बाहर धरना प्रदर्शन।
- फोटो : स्रोत : विभाग
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विस्तार
संजौली में दुकान में घुसकर मारपीट करने, तोड़फोड़ करने और दो लोगों का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालने के मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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पुलिस थाना संजौली में दर्ज मामले के अनुसार शिकायतकर्ता अजीम मिर्जा ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग उनकी दुकान में घुस आए और उनके साथ मारपीट की। आरोपियों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की तारें भी तोड़ दीं। इसके बाद उन्हें और उनके सहकर्मी आफताब को दुकान से बाहर ले जाकर मारपीट की गई तथा सार्वजनिक रूप से उनका जुलूस निकाला गया।
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मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले मुख्य आरोपी मदन ठाकुर और विजय शर्मा को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान अब चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें श्वेता चौहान, कल्पना शर्मा, गौरव कुमार और गगन शर्मा शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार मामले में अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिमला पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक घटना या विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
संजौली मारपीट मामले का पूरा घटनाक्रम
मामला शिमला के संजौली क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ की शिकायत से शुरू हुआ और बाद में दो युवकों के साथ मारपीट तथा सार्वजनिक रूप से घुमाने की घटना तक पहुंच गया।
कैसे शुरू हुआ मामला?
एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया कि संजौली बाजार की एक दुकान में काम करने वाले युवक ने उसके साथ अश्लील हरकत की। लड़की की शिकायत के बाद मामला स्थानीय लोगों और हिंदू संघर्ष समिति के संज्ञान में आया। समिति का आरोप था कि शिकायत के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर मामला दर्ज किया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी उबैद को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक शिकायत और मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान में केवल एक युवक का नाम था। मारपीट और सार्वजनिक परेड शिकायत के बाद बड़ी संख्या में लोग संबंधित दुकान के बाहर एकत्र हो गए।
आरोप है कि कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर अजीम मिर्जा और उसके सहकर्मी आफताब के साथ मारपीट की। सीसीटीवी कैमरों की तारें तोड़ दी गईं। दोनों को दुकान से बाहर निकालकर बाजार में घुमाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए। अजीम मिर्जा की शिकायत पर पुलिस थाना संजौली में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। सबसे पहले हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक विजय शर्मा और सह-संयोजक मदन ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। बाद में श्वेता चौहान, कल्पना शर्मा, गौरव कुमार और गगन शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अब तक इस मामले में कुल छह गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
मामला शिमला के संजौली क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से कथित छेड़छाड़ की शिकायत से शुरू हुआ और बाद में दो युवकों के साथ मारपीट तथा सार्वजनिक रूप से घुमाने की घटना तक पहुंच गया।
कैसे शुरू हुआ मामला?
एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया कि संजौली बाजार की एक दुकान में काम करने वाले युवक ने उसके साथ अश्लील हरकत की। लड़की की शिकायत के बाद मामला स्थानीय लोगों और हिंदू संघर्ष समिति के संज्ञान में आया। समिति का आरोप था कि शिकायत के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर मामला दर्ज किया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी उबैद को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक शिकायत और मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान में केवल एक युवक का नाम था। मारपीट और सार्वजनिक परेड शिकायत के बाद बड़ी संख्या में लोग संबंधित दुकान के बाहर एकत्र हो गए।
आरोप है कि कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर अजीम मिर्जा और उसके सहकर्मी आफताब के साथ मारपीट की। सीसीटीवी कैमरों की तारें तोड़ दी गईं। दोनों को दुकान से बाहर निकालकर बाजार में घुमाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए। अजीम मिर्जा की शिकायत पर पुलिस थाना संजौली में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। सबसे पहले हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक विजय शर्मा और सह-संयोजक मदन ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। बाद में श्वेता चौहान, कल्पना शर्मा, गौरव कुमार और गगन शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अब तक इस मामले में कुल छह गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
गिरफ्तारी के बाद विरोध
समिति के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के विरोध में संजौली बाजार में प्रदर्शन हुआ। पीड़िता और उसके परिजनों सहित कई लोग सड़क पर उतर आए। संजौली में चक्का जाम किया गया और आरोपियों की रिहाई की मांग उठाई गई। देर रात तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
अभी स्थिति क्या है?
छेड़छाड़ के मूल मामले की जांच जारी है।
मारपीट और सार्वजनिक रूप से घुमाने के मामले में छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
दोनों मामलों की जांच अलग-अलग कानूनी पहलुओं के तहत आगे बढ़ रही है।
समिति के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के विरोध में संजौली बाजार में प्रदर्शन हुआ। पीड़िता और उसके परिजनों सहित कई लोग सड़क पर उतर आए। संजौली में चक्का जाम किया गया और आरोपियों की रिहाई की मांग उठाई गई। देर रात तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
अभी स्थिति क्या है?
छेड़छाड़ के मूल मामले की जांच जारी है।
मारपीट और सार्वजनिक रूप से घुमाने के मामले में छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
दोनों मामलों की जांच अलग-अलग कानूनी पहलुओं के तहत आगे बढ़ रही है।