{"_id":"6a7dd881ed179fa4190e9392","slug":"growing-trend-of-silver-rakhis-for-the-sacred-brother-sister-festival-of-raksha-bandhan-shimla-news-c-19-sml1002-769546-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन में चांदी की राखियों का बढ़ा चलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन में चांदी की राखियों का बढ़ा चलन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों के लिए मिकी माउस, टॉम एंड जैरी, स्पाइडर-मैन जैसे डिजाइन वाली राखियां बाजार में उपलब्ध
चांदी की राखियों की कीमत साढ़े चार सौ से दस हजार तक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भाई-बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन के लिए बाजार में तरह-तरह के डिजाइन में हर आयु वर्ग के लिए बनी सुंदर और आकर्षक राखियां सजी हैं। दस रुपये की साधारण राखी से इनके दाम की शुरुआत होती है, जो ढाई-तीन सौ रुपये तक भी उपलब्ध हैं।
वहीं इन राखियों के अलावा अब चांदी से बनी राखियां भी लोगों को पसंद आने लगी हैं। शहर की आभूषणों की दुकानों में इन राखियों को खरीदने के लिए ग्राहक पहुंच रहे हैं। चांदी के अलग-अलग डिजाइन में बनी इन राखियों में डोरी लगी होती है, लेकिन खास आकर्षक डिजाइन वाली चांदी की कलाकारी की राखियां अधिक पसंद की जा रही हैं। चांदी की इन राखियों की कीमत साढ़े चार सौ रुपये से लेकर आठ हजार रुपये तक रहती है। राखियों के अलावा रक्षाबंधन के लिए बहनें अपने भाइयों को चांदी से बने ब्रेसलेट भी खरीद रही हैं, जो दस हजार रुपये या इससे अधिक कीमत के भी उपलब्ध हैं।
चांदी से बनी राखियों में छोटे बच्चों के लिए एक से बढ़कर एक डिजाइन उपलब्ध हैं। इनमें भगवान की मूर्तियों के आकार की राखियां हैं तो कहीं मिकी माउस, स्पाइडर-मैन, मोटरसाइकिल, टॉम एंड जैरी जैसे डिजाइन की राखियां भी दुकानों में बिक्री के लिए रखी हैं। चांदी से बनी इन राखियों की कीमत इसमें इस्तेमाल हुई चांदी की मात्रा और डिजाइन के अनुसार तय की जाती है। टांगरी ज्वेलर्स के मिडल बाजार स्थित चांदी के आभूषणों की दुकान की कर्मचारी सीमा और पायल ने बताया कि चांदी की राखियों की मांग आ रही है और अलग-अलग डिजाइन में उपलब्ध राखियां बिक भी रही हैं। छोटे बच्चे इन्हें अधिक पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
चांदी की राखियों की मांग अधिक
टांगरी ज्वेलर्स के मालिक अविनाश टांगरी ने बताया कि चांदी की राखियों की मांग अधिक रहती है। सोने में बनी राखियां भी उपलब्ध हैं, लेकिन इनकी मांग चांदी की अपेक्षा कम है। उन्होंने कहा कि सोने-चांदी की राखियों को बांधने के बाद इन्हें लंबे समय तक यादगार के रूप में रखा जा सकता है। इसलिए लोग इन्हें खरीदने और पसंद करने लगे हैं। अब इनका चलन बढ़ रहा है। लालजी ज्वैलर्स, लोअर बाजार के मालिक अक्षय लालजी ने बताया कि चांदी की राखियों की अधिक मांग है और ग्राहक इन्हें खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। रोजाना सात से आठ राखियां बिक रही हैं। इनकी कीमत 450 रुपये से शुरू हो जाती है।
विज्ञापन
चांदी की राखियों की कीमत साढ़े चार सौ से दस हजार तक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भाई-बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन के लिए बाजार में तरह-तरह के डिजाइन में हर आयु वर्ग के लिए बनी सुंदर और आकर्षक राखियां सजी हैं। दस रुपये की साधारण राखी से इनके दाम की शुरुआत होती है, जो ढाई-तीन सौ रुपये तक भी उपलब्ध हैं।
वहीं इन राखियों के अलावा अब चांदी से बनी राखियां भी लोगों को पसंद आने लगी हैं। शहर की आभूषणों की दुकानों में इन राखियों को खरीदने के लिए ग्राहक पहुंच रहे हैं। चांदी के अलग-अलग डिजाइन में बनी इन राखियों में डोरी लगी होती है, लेकिन खास आकर्षक डिजाइन वाली चांदी की कलाकारी की राखियां अधिक पसंद की जा रही हैं। चांदी की इन राखियों की कीमत साढ़े चार सौ रुपये से लेकर आठ हजार रुपये तक रहती है। राखियों के अलावा रक्षाबंधन के लिए बहनें अपने भाइयों को चांदी से बने ब्रेसलेट भी खरीद रही हैं, जो दस हजार रुपये या इससे अधिक कीमत के भी उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
चांदी से बनी राखियों में छोटे बच्चों के लिए एक से बढ़कर एक डिजाइन उपलब्ध हैं। इनमें भगवान की मूर्तियों के आकार की राखियां हैं तो कहीं मिकी माउस, स्पाइडर-मैन, मोटरसाइकिल, टॉम एंड जैरी जैसे डिजाइन की राखियां भी दुकानों में बिक्री के लिए रखी हैं। चांदी से बनी इन राखियों की कीमत इसमें इस्तेमाल हुई चांदी की मात्रा और डिजाइन के अनुसार तय की जाती है। टांगरी ज्वेलर्स के मिडल बाजार स्थित चांदी के आभूषणों की दुकान की कर्मचारी सीमा और पायल ने बताया कि चांदी की राखियों की मांग आ रही है और अलग-अलग डिजाइन में उपलब्ध राखियां बिक भी रही हैं। छोटे बच्चे इन्हें अधिक पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
चांदी की राखियों की मांग अधिक
टांगरी ज्वेलर्स के मालिक अविनाश टांगरी ने बताया कि चांदी की राखियों की मांग अधिक रहती है। सोने में बनी राखियां भी उपलब्ध हैं, लेकिन इनकी मांग चांदी की अपेक्षा कम है। उन्होंने कहा कि सोने-चांदी की राखियों को बांधने के बाद इन्हें लंबे समय तक यादगार के रूप में रखा जा सकता है। इसलिए लोग इन्हें खरीदने और पसंद करने लगे हैं। अब इनका चलन बढ़ रहा है। लालजी ज्वैलर्स, लोअर बाजार के मालिक अक्षय लालजी ने बताया कि चांदी की राखियों की अधिक मांग है और ग्राहक इन्हें खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। रोजाना सात से आठ राखियां बिक रही हैं। इनकी कीमत 450 रुपये से शुरू हो जाती है।