{"_id":"6a7dd6db89630f58380c6496","slug":"the-ban-on-providing-new-drinking-water-connections-in-panchayat-areas-will-continue-shimla-news-c-19-sml1002-769545-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: पंचायती इलाकों में नए पेयजल \nकनेक्शन देने पर जारी रहेगी रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: पंचायती इलाकों में नए पेयजल कनेक्शन देने पर जारी रहेगी रोक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सतलुज से नहीं मिल रहा अभी पूरा पानी
शहरवासियों को भी झेलनी पड़ी रही किल्लत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर से सटे पंचायती इलाकों में नए पेयजल कनेक्शन देने पर रोक जारी रहेगी। एसजेपीएनएल के निदेशक मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
नगर निगम के साथ लगती पंचायतों में रहने वाले हजारों लोग पिछले लंबे समय से नगर निगम से पेयजल आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। इसमें मैहली, भट्ठाकुफर, ढली, मल्याणा, पंथाघाटी समेत अन्य क्षेत्र आते हैं। इन क्षेत्रों में जलशक्ति विभाग की पर्याप्त आपूर्ति नहीं है। इस वजह से इन क्षेत्रों में लोगों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। बेशक यह क्षेत्र पंचायतों में आते हैं लेकिन मुख्य शहर में निर्माण की जगह कम होने के बाद इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रिहायशी क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। इसके अलावा होटल, होमस्टे और व्यावसायिक परिसर और सरकारी कार्यालय भी खुले हैं। इस वजह से इन क्षेत्रों में पानी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। निदेशक मंडल की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में सतलुज परियोजना से महज 15 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है जबकि इससे करीब 66 एमएलडी पानी की आपूर्ति होने का लक्ष्य रखा है।
ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद पिछले कई दिनों से पेयजल योजना ठप है। इस वजह से नगर निगम क्षेत्र की परिधि में रहने वाले उपभोक्ताओं को पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में शहर के साथ लगती पंचायतों को नए पेयजल कनेक्शन देना व्यावहारिक नहीं है। भविष्य में सतलुज पेयजल योजना से क्षमता के मुताबिक पानी की आपूर्ति होने के बाद ही इसको लेकर फैसला लिया जाएगा। निदेशक मंडल की बैठक में हुए इस निर्णय से नगर निगम से पानी की आपूर्ति की आस लगाकर बैठे पंचायती क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ताओं की उम्मीदों को करारा झटका लगा है।
विज्ञापन
शहरवासियों को भी झेलनी पड़ी रही किल्लत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर से सटे पंचायती इलाकों में नए पेयजल कनेक्शन देने पर रोक जारी रहेगी। एसजेपीएनएल के निदेशक मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
नगर निगम के साथ लगती पंचायतों में रहने वाले हजारों लोग पिछले लंबे समय से नगर निगम से पेयजल आपूर्ति की मांग कर रहे हैं। इसमें मैहली, भट्ठाकुफर, ढली, मल्याणा, पंथाघाटी समेत अन्य क्षेत्र आते हैं। इन क्षेत्रों में जलशक्ति विभाग की पर्याप्त आपूर्ति नहीं है। इस वजह से इन क्षेत्रों में लोगों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। बेशक यह क्षेत्र पंचायतों में आते हैं लेकिन मुख्य शहर में निर्माण की जगह कम होने के बाद इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रिहायशी क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। इसके अलावा होटल, होमस्टे और व्यावसायिक परिसर और सरकारी कार्यालय भी खुले हैं। इस वजह से इन क्षेत्रों में पानी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। निदेशक मंडल की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में सतलुज परियोजना से महज 15 एमएलडी पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है जबकि इससे करीब 66 एमएलडी पानी की आपूर्ति होने का लक्ष्य रखा है।
ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद पिछले कई दिनों से पेयजल योजना ठप है। इस वजह से नगर निगम क्षेत्र की परिधि में रहने वाले उपभोक्ताओं को पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में शहर के साथ लगती पंचायतों को नए पेयजल कनेक्शन देना व्यावहारिक नहीं है। भविष्य में सतलुज पेयजल योजना से क्षमता के मुताबिक पानी की आपूर्ति होने के बाद ही इसको लेकर फैसला लिया जाएगा। निदेशक मंडल की बैठक में हुए इस निर्णय से नगर निगम से पानी की आपूर्ति की आस लगाकर बैठे पंचायती क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ताओं की उम्मीदों को करारा झटका लगा है।
विज्ञापन