{"_id":"69d246091968fb4aaa0a91e0","slug":"hill-peas-fetch-a-record-price-this-season-selling-for-rs-64-per-kg-shimla-news-c-19-sml1002-701262-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: पहाड़ी मटर को इस सीजन का मिला रिकॉर्ड दाम, 64 रुपये किलो बिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: पहाड़ी मटर को इस सीजन का मिला रिकॉर्ड दाम, 64 रुपये किलो बिका
विज्ञापन
विज्ञापन
ढली सब्जी मंडी में करसोग, सिरमौर, ठियोग, चियोग
और धमांदरी
से आई थी एक हजार बोरी मटर
बाहरी राज्यों में है पहाड़ी मटर की भारी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पहाड़ी मटर इन दिनों किसानों को मालामाल कर रहे हैं। राजधानी की ढली सब्जी मंडी में रविवार को मटर 60 से 64 रुपये प्रतिकिलो तक बिका। यह इस सीजन के रिकॉर्ड दाम हैं। फसल के बेहतर दाम मिलने से किसानों के चेहरों पर खुशी हैं।
आढ़तियों का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि के बाद ढली मंडी में मटर की आपूर्ति कम हो गई है वहीं बाहरी राज्यों से मांग लगातार बढ़ती जा रही है जिससे दामों में उछाल आया है। रविवार को मंडी में करसोग, सिरमौर, ठियोग, चियोग, धमांदरी और बागड़ी सहित अन्य क्षेत्र से करीब 1000 बोरी मटर पहुंची थी। प्रदेशभर में करीब 24,900 हेक्टेयर क्षेत्र में मटर की खेती की जाती है जिसमें सबसे ज्यादा मटर सोलन और शिमला की ढली सब्जी मंडी में पहुंचता है। इससे सब्जी मंडियों में हर साल लाखों रुपये का कारोबार होता है। पहाड़ी मटर की बाहरी राज्यों में अधिक मांग रहती है। यह गुणवत्ता के अनुसार बाहरी राज्यों के मटर से बेहतर माना जाता है। खाने में भी अधिक स्वादिष्ट होता है।
कोट
ढली मंडी से इन दिनों मटर की फसल दिल्ली, सूरत, मुंबई और पुणे के अलावा गुजरात भी भेजी जा रही है। रविवार को मटर को सीजन में अब तक रिकॉर्ड दाम मिले हैं। इस वर्ष बाहरी राज्यों के मुकाबले शिमला में पहाड़ी मटर को ज्यादा दाम मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में मटर की खेप बढ़ने के साथ दामों में और ज्यादा उछाल आ सकता है।
-बिट्टू वर्मा, सचिव, ढली सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन
Trending Videos
और धमांदरी
से आई थी एक हजार बोरी मटर
बाहरी राज्यों में है पहाड़ी मटर की भारी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पहाड़ी मटर इन दिनों किसानों को मालामाल कर रहे हैं। राजधानी की ढली सब्जी मंडी में रविवार को मटर 60 से 64 रुपये प्रतिकिलो तक बिका। यह इस सीजन के रिकॉर्ड दाम हैं। फसल के बेहतर दाम मिलने से किसानों के चेहरों पर खुशी हैं।
आढ़तियों का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि के बाद ढली मंडी में मटर की आपूर्ति कम हो गई है वहीं बाहरी राज्यों से मांग लगातार बढ़ती जा रही है जिससे दामों में उछाल आया है। रविवार को मंडी में करसोग, सिरमौर, ठियोग, चियोग, धमांदरी और बागड़ी सहित अन्य क्षेत्र से करीब 1000 बोरी मटर पहुंची थी। प्रदेशभर में करीब 24,900 हेक्टेयर क्षेत्र में मटर की खेती की जाती है जिसमें सबसे ज्यादा मटर सोलन और शिमला की ढली सब्जी मंडी में पहुंचता है। इससे सब्जी मंडियों में हर साल लाखों रुपये का कारोबार होता है। पहाड़ी मटर की बाहरी राज्यों में अधिक मांग रहती है। यह गुणवत्ता के अनुसार बाहरी राज्यों के मटर से बेहतर माना जाता है। खाने में भी अधिक स्वादिष्ट होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोट
ढली मंडी से इन दिनों मटर की फसल दिल्ली, सूरत, मुंबई और पुणे के अलावा गुजरात भी भेजी जा रही है। रविवार को मटर को सीजन में अब तक रिकॉर्ड दाम मिले हैं। इस वर्ष बाहरी राज्यों के मुकाबले शिमला में पहाड़ी मटर को ज्यादा दाम मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में मटर की खेप बढ़ने के साथ दामों में और ज्यादा उछाल आ सकता है।
-बिट्टू वर्मा, सचिव, ढली सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन