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Himachal News : हिमाचल को मिले 46 नए अग्निशमन वाहन, सीएम सुक्खू ने दिखाई हरी झंडी; 37 और खरीदने की तैयारी
Tue, 11 Aug 2026 03:04 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 11 Aug 2026 03:04 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहन विभिन्न जिलों को उपलब्ध करवाए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शिमला को नौ और कांगड़ा को आठ वाहन मिले हैं। सरकार ने अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। 37 और नए वाहनों की खरीद प्रक्रिया भी जारी है।
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मुख्यमंत्री सुक्खू हरी झंडी दिखाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में आग और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए अग्निशमन सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों की अग्निशमन इकाइयों के लिए 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों से आग और आपदा की घटनाओं में मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। किसी भी आपदा या आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि 37 और नए अग्निशमन वाहनों की खरीद की प्रक्रिया भी चल रही है।
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शिमला को सबसे ज्यादा नौ वाहन
नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों में शिमला जिले को सबसे अधिक नौ वाहन मिले हैं। कांगड़ा में आठ, मंडी और सोलन में पांच-पांच वाहन भेजे गए हैं। हमीरपुर, ऊना, चंबा और लाहौल-स्पीति को तीन-तीन, जबकि सिरमौर, बिलासपुर और कुल्लू को दो-दो वाहन दिए गए हैं। किन्नौर को एक वाहन मिला है।
अग्निशमन सेवाओं पर 65.33 करोड़ रुपये का बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। वर्ष 2024-25 में भी 9.60 करोड़ रुपये खर्च कर 22 अग्निशमन वाहन खरीदे गए थे, जिन्हें संबंधित इकाइयों को उपलब्ध करवाया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर क्षेत्र में आधुनिक अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हों। विभाग को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मचारियों से लैस किया जा रहा है। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार अग्निशमन केंद्रों, चौकियों, वाहनों और मानव संसाधन का विस्तार किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। किसी भी आपदा या आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि 37 और नए अग्निशमन वाहनों की खरीद की प्रक्रिया भी चल रही है।
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शिमला को सबसे ज्यादा नौ वाहन
नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों में शिमला जिले को सबसे अधिक नौ वाहन मिले हैं। कांगड़ा में आठ, मंडी और सोलन में पांच-पांच वाहन भेजे गए हैं। हमीरपुर, ऊना, चंबा और लाहौल-स्पीति को तीन-तीन, जबकि सिरमौर, बिलासपुर और कुल्लू को दो-दो वाहन दिए गए हैं। किन्नौर को एक वाहन मिला है।
अग्निशमन सेवाओं पर 65.33 करोड़ रुपये का बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। वर्ष 2024-25 में भी 9.60 करोड़ रुपये खर्च कर 22 अग्निशमन वाहन खरीदे गए थे, जिन्हें संबंधित इकाइयों को उपलब्ध करवाया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर क्षेत्र में आधुनिक अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हों। विभाग को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मचारियों से लैस किया जा रहा है। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार अग्निशमन केंद्रों, चौकियों, वाहनों और मानव संसाधन का विस्तार किया जाएगा।
बिझड़ी में चौकी का भवन तैयार, कई जगह निर्माण जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी बिझड़ी का भवन तैयार हो चुका है। नादौन और इंदौरा में उप अग्निशमन केंद्रों के भवनों के निर्माण पर 3.50-3.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कंडाघाट में उप अग्निशमन केंद्र के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। नए और स्तरोन्नत उप अग्निशमन केंद्रों तथा चौकियों के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से आठ वाटर टेंडर भी खरीदे जा रहे हैं।
टाहलीवाल केंद्र स्तरोन्नत, चंगर में नई चौकी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निशमन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए नई इकाइयां भी स्थापित की जा रही हैं। ऊना के टाहलीवाल को उप अग्निशमन केंद्र के रूप में स्तरोन्नत किया गया है। वहीं कांगड़ा के चंगर क्षेत्र में नई अग्निशमन चौकी शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि नई अग्निशमन इकाइयों के संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पदों को भरा गया है। सरकार का लक्ष्य आधुनिक वाहनों, बेहतर उपकरणों, पर्याप्त मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचे के माध्यम से प्रदेश की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है, ताकि आग और अन्य आपदाओं में जन-धन की हानि को कम किया जा सके।
इस अवसर पर शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, डीजी होमगार्ड सतवंत अटवाल, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी बिझड़ी का भवन तैयार हो चुका है। नादौन और इंदौरा में उप अग्निशमन केंद्रों के भवनों के निर्माण पर 3.50-3.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कंडाघाट में उप अग्निशमन केंद्र के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। नए और स्तरोन्नत उप अग्निशमन केंद्रों तथा चौकियों के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से आठ वाटर टेंडर भी खरीदे जा रहे हैं।
टाहलीवाल केंद्र स्तरोन्नत, चंगर में नई चौकी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निशमन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए नई इकाइयां भी स्थापित की जा रही हैं। ऊना के टाहलीवाल को उप अग्निशमन केंद्र के रूप में स्तरोन्नत किया गया है। वहीं कांगड़ा के चंगर क्षेत्र में नई अग्निशमन चौकी शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि नई अग्निशमन इकाइयों के संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पदों को भरा गया है। सरकार का लक्ष्य आधुनिक वाहनों, बेहतर उपकरणों, पर्याप्त मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचे के माध्यम से प्रदेश की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है, ताकि आग और अन्य आपदाओं में जन-धन की हानि को कम किया जा सके।
इस अवसर पर शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, डीजी होमगार्ड सतवंत अटवाल, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।