{"_id":"6a7ae72c39e06801640ab9dd","slug":"video-shimla-chitta-smuggling-karni-brar-2-crore-9-lakh-roperty-seized-2026-08-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"Shimla Drug Case: चिट्टा तस्करी से अर्जित 2.09 करोड़ की संपत्ति जब्त, मुख्य सरगना कर्णी बराड़ गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla Drug Case: चिट्टा तस्करी से अर्जित 2.09 करोड़ की संपत्ति जब्त, मुख्य सरगना कर्णी बराड़ गिरफ्तार
शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 02:41 PM IST
Link Copied
शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को केवल नशे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए अब तस्करों की अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने बठिंडा निवासी कथित मुख्य सरगना दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ और उसके सहयोगियों से जुड़ी करीब 2.09 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। जब्त संपत्तियों में लग्जरी वाहन, व्यावसायिक संपत्तियां, मकान और बैंक में जमा राशि शामिल है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 20 जून 2026 को शिमला पुलिस की विशेष टीम ने कनलोग स्थित एक होम स्टे में गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी थी। इस दौरान बठिंडा निवासी गोपाल कुमार को करीब 16 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने कथित पैडलर गुरवचन उर्फ गुरु को मोहाली से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से तलाशी के दौरान 162 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार वैज्ञानिक, तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर की गई जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी बठिंडा निवासी दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ के लिए नशे का नेटवर्क चला रहे थे।
इसके बाद शिमला पुलिस ने बठिंडा में संयुक्त कार्रवाई करते हुए दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। इनमें एक मामला 100 ग्राम चिट्टे की तस्करी से संबंधित बताया गया है। उसके खिलाफ अदालत में तीन मामले विचाराधीन हैं, जिनमें एक मामला एनडीपीएस अधिनियम से जुड़ा बताया गया है।
पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों की भी जांच की। एएसपी के अनुसार कर्णी बराड़ के एक बैंक खाते में छह महीने के भीतर करीब 50 लाख रुपये का लेनदेन सामने आया। इससे पहले इस खाते में बहुत कम लेनदेन हुआ था।
लेनदेन संदिग्ध पाए जाने के बाद एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत वित्तीय जांच शुरू की गई। पुलिस की जांच में नशा तस्करी से अर्जित करीब 2.09 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान की गई, जिन्हें जब्त किया गया है।
पुलिस के अनुसार जब्त संपत्तियों में फॉर्च्यूनर, एंडेवर, टाटा सफारी, जेट्टा, वरना और स्विफ्ट समेत कई वाहन शामिल हैं। इसके अलावा दो व्यावसायिक संपत्तियां एस-4 स्पोर्ट्स क्लब और एस-4 कार वॉश, एक आवासीय मकान और बैंक में जमा राशि भी कार्रवाई के दायरे में आई है।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस नशा तस्करों की करीब 6.48 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। एएसपी ने कहा कि इससे पहले 2025 और 2026 में वित्तीय जांच के माध्यम से इस स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई थी।
पुलिस अब नशे के नेटवर्क की अलग-अलग परतों तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। जांच में मोहाली से शिमला तक नशे की सप्लाई की कड़ियां सामने आने की बात कही गई है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क की पिछली कड़ी तक पहुंचकर कार्रवाई की गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के संपर्कों को लेकर पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच में जिस स्तर तक साक्ष्य मिल रहे हैं, उसी के आधार पर आगे कार्रवाई की जा रही है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।