डिंडोरी जिले में धान के एक ओपन कैंप में बारिश के बीच बड़ी मात्रा में धान खराब होती मिलने का मामला सामने आया है। शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे और जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते ने अमरपुर जनपद पंचायत के सिधौली गांव स्थित धान के ओपन कैंप का निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 50 ट्रक धान बारिश में खराब होती हुई दिखाई दी। निरीक्षण का वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि विधायक ओमप्रकाश धुर्वे शुक्रवार को समर्थकों के साथ सिधौली गांव में आयोजित जन विश्वास अभियान में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में धान का ओपन कैंप देखकर उन्होंने वाहन रुकवाया और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
खुले में रखी थी धान
निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में धान खुले में रखी मिली, जबकि कुछ धान पॉलीथिन से ढकी हुई थी। बारिश के कारण खुले में रखी धान के खराब होने की स्थिति सामने आई। विधायक ने धान को सुरक्षित तरीके से रखने और समय पर मिलिंग के लिए नहीं भेजे जाने को लेकर सवाल उठाए। विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि किसानों से खरीदी गई धान को इस तरह असुरक्षित रखना शासन के लाखों रुपये के नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने अधिकारियों से मामले को लेकर चर्चा करने की बात कही। विधायक ने यह भी कहा कि यदि यह धान गरीबों के बीच बांट दी जाती तो ज्यादा बेहतर होता। विधायक के मुताबिक, कैंप में तीन चौकीदार भी तैनात हैं। वहीं, कैंप में रखी धान की उम्र को लेकर भी अलग-अलग जानकारी सामने आई। विधायक ने कुछ धान को वर्ष 2024 की, जबकि कुछ को इसी साल की बताया।
अधिकारी ने बताई अलग कहानी
वहीं, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी वैद्यनाथ वासनिक ने बताया कि कैंप में रखी धान करीब 5 से 6 साल पुरानी है। उनके अनुसार, इस धान की खरीदी उस समय गोगरिन कंपनी द्वारा की गई थी। हालांकि, धान का उस समय उठाव क्यों नहीं हुआ, इसकी जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
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शासन को भेजा गया प्रस्ताव
अधिकारी ने बताया कि धान के निपटारे के लिए शासन को DCC का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद धान की नीलामी कराई जाएगी या फिर उसे गड्ढे में दबाने की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि किसानों से खरीदी गई इतनी बड़ी मात्रा में धान वर्षों तक खुले कैंप में क्यों पड़ी रही और समय पर इसका उठाव या मिलिंग क्यों नहीं कराई गई? बारिश में खराब होती धान ने भंडारण और प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।