Himachal Pradesh Budget 2026-27: अस्थायी कर्मियों पर राहत की फुहार, 11 नई योजनाएं; सबकुछ जानें विस्तार से
Himachal Budget News In Hindi: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। सीएम सुक्खू ने आज लगभग 4 घंटे 16 मिनट बजट भाषण पढ़ा। उन्होंने 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट के बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट में अस्थायी कर्मचारियों, गरीब तबके और गांव-देहात को बड़ी राहत दी है। शनिवार को उन्होंने केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने और सीमित संसाधनों का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह चालू वित्त वर्ष की तुलना में 3,586 करोड़ रुपये कम है।
चालू वित्त वर्ष में 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करते हुए आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सीएम सुक्खू ने अपना 50, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों का 30, विधायकों का 20, बोर्ड-निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों का 20 और अधिकारियों का 3 से 30 फीसदी वेतन छह महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने हिमाचल हाईकोर्ट से भी अनुरोध किया कि वर्तमान वित्तीय स्थिति को समझते हुए स्वेच्छा से सीनियर लेवल पर 30, जिला न्यायाधीशों के स्तर पर 20 प्रतिशत और ग्रुप ए व बी अधिकारियों के स्तर पर 3 प्रतिशत वेतन छह महीने तक स्थगित करने पर विचार किया जा सकता है।
स्टडी लीव पर जाने वाले सभी कर्मियों को 100 प्रतिशत वेतन मिलेगा। खेलो हिमाचल प्रतियोगिताएं करवाने के लिए अलग बजट रखकर युवा पीढ़ी को नशे से बचाने का एलान किया गया है। महिलाओं के संपत्ति के अधिकार के लिए उन्हें 80 लाख से एक करोड़ रुपये के प्लॉट की खरीद पर स्टांप शुल्क की दर केवल चार प्रतिशत रहेगी। तीन नए शहर बद्दी में हिम चंडीगढ़, सिरमौर में हिम पंचकूला और धौलाधार के आंचल में कांगड़ा वैली टाउनशिप बनाने का जिक्र भी बजट में है।
- मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना
- हिमालयी पारिस्थितिकी के लिए चरवाहा सशक्तीकरण (पहल)
- कंप्रिहेंसिव हिमाचल इंटीग्रेटिड कामर्शियल पोल्ट्री स्कीम
- शुभ विवाह योजना
- मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना
- हिमाचल बायो डायवर्सिटी स्टेकहोल्डर लेड कंजरवेशन
- यूनिफाइड स्कीम
- साइबर मित्र योजना
- खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान
- जीएसटी करदाता स्वैच्छिक अनुपालन जागरूकता अभियान
- सशक्त नारी स्वस्थ
- परिवार-एकीकृत मिशन
- मिशन 32 प्रतिशत
प्रदेश में डीजल और पेट्रोल के स्थान पर स्वच्छ ईंधन प्रदान करने के लिए सीएनजी स्टेशन स्थापित होंगे। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी और सीएनजी पॉलिसी लागू होगी। उचित मूल्य की दुकानों पर बिकेगा बाजार में बिकने वाली वस्तुएं के निरीक्षण के लिए ई-इंस्पेक्शन स्टेंपिंग प्रणाली शुरू होगी।
बजट में पहली बार अदरक खरीद के लिए 30 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है। प्राकृतिक खेती से उगाई गेहूं का समर्थन मूल्य 60 से 80, मक्का 40 से 50, पांगी घाटी के जाै का समर्थन मूल्य 60 से बढ़ाकर 80 रुपये किया गया है। हल्दी का समर्थन मूल्य 90 से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है।
| पद | पहले | अब |
| आंगनबाड़ी कार्यकर्ता | 10,500 | 11,500 |
| मिनी आंगनबाड़ी | 7,300 | 8,300 |
| आंगनबाड़ी सहायिका | 5,800 | 6,800 |
| आशा वर्कर | 5,800 | 6,800 |
| मिड-डे मील वर्कर्ज | 5,000 | 5,500 |
| वाटर कैरियर (शिक्षा) | 5,500 | 6,000 |
| जलरक्षक | 5,600 | 6,100 |
| एमपीडब्ल्यू (जलशक्ति) | 5,500 | 6,000 |
| पैरा फिटर, पंप ऑपरेटर | 6,600 | 7,100 |
| पंचायत चौकीदार | 8,500 | 9,000 |
| राजस्व चौकीदार | 6,300 | 6,800 |
| राजस्व लंबरदार | 4,500 | 5,000 |
बतौर वित्त मंत्री 11 बजे शुरू हुए सीएम के बजट भाषण में शुरू में ही गतिरोध पैदा हो गया, जब उन्होंने केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने पर विपक्ष को निशाने पर लिया। भाजपा विधायक दल बजट भाषण के कुछ शब्दों को असांविधानिक बताते हुए नारेबाजी करने लगा और वेल में चला गया। करीब साढ़े 11 बजे तक सदन की कार्यवाही बाधित रही। इसके बाद मुख्यमंत्री का बजट भाषण फिर शुरू हुआ। बीच में 1:45 से 2:30 तक फिर ब्रेक रहा। उसके बाद मुख्यमंत्री ने आगे का बजट भाषण पढ़ा, जो करीब साढ़े चार बजे तक चला। मुख्यमंत्री का यह बजट भाषण चार घंटे नौ मिनट 30 सेकंड तक चला।
मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव और सभी प्रधान सचिवों के वेतन का 30, सभी सचिवों, विभागाध्यक्षों का 20, डीजीपी, एडीजीपी का 30 प्रतिशत, आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी स्तर के अधिकारियों का 20 प्रतिशत, वन विभाग के हॉफ, पीसीसीएफ, अतिरिक्त पीसीसीएफ का 30 प्रतिशत, सीसीएफ, सीएफ और डीएफओ स्तर के वन अधिकारियों का 20 प्रतिशत वेतन अस्थायी रूप से स्थगित किया जाएगा। ग्रुप ए व बी अधिकारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा अगले छह महीनों के लिए अस्थायी रूप से टाला जाएगा। ग्रुप सी व ग्रुप डी को इससे पूरी तरह से बाहर रखा गया।
| पद | पहले | अब |
| स्वास्थ्य अधिकारी (आयुष) | 50,260 | 60,780 |
| स्वास्थ्य अधिकारी (डेंटल) | 49,800 | 61,200 |
| फार्मासिस्ट | 30,500 | 46,500 |
| एएनएम | 26,650 | 38,500 |
| आशा को-ऑर्डिनेटर | 30,775 | 45,750 |
| ब्लाॅक प्रोग्राम मैनेजर | 41,550 | 62,650 |
| डेंटल हाइजीनिस्ट | 29,000 | 42,650 |
| अकाउंटेंट | 39,650 | 59,750 |
| लैब तकनीशियन | 35,750 | 49,500 |
| पद | पहले | अब |
| स्टाफ नर्स | 13,925 | 25,000 |
| लैब तकनीशियन | 14,400 | 25,000 |
| फार्मासिस्ट | 13,062 | 25,000 |
| ओटी तकनीशियन | 17,820 | 25,000 |
| डाटा एंट्री ऑपरेटर | 14,400 | 18,000 |
बजट में 2200 से ज्यादा नई नाैकरियां देने का वादा भी किया गया है। इनमें एक हजार पद पुलिस कांस्टेबल के भरे जाएंगे। इसके अलावा ट्रेनी आधार पर चिकित्सकों के 300, सहायक स्टाफ नर्सों-पैरा मेडिकल स्टाप के 150, पंचायत सचिवों के 150, पटवारियों के 645 पद भरे जाएंगे।
सरकार ने बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए गाय के दूध का खरीद मूल्य 51 से 61 और भैंस के दूध का खरीद मूल्य 61 से 71 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की है। इसके अलावा, दूध खरीद से जुड़ी पंजीकृत संस्थाओं को अगले वित्त वर्ष के 3 की जगह 6 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है। चरवाहों के लिए डिजिटल कार्ड और जीवन बीमा की सुविधा मिलेगी
बजट में घोषणा की गई कि 2016 से पहले के सभी पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरोें को उनकी बकाया पेंशन के पूरे एरियर का पूरा भुगतान किया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी के एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को बकाया ग्रेच्युटी व लीव इन्कैशमेंट के एरियर का पूरा भुगतान किया जाएगा। इस पर 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
दिहाड़ीदारों की दिहाड़ी में 25 रुपये की बढ़ोतरी की गई। इसे 425 से बढ़ाकर 450 रुपये करने की घोषणा की गई। आउटसोर्स कर्मचारियों को अब न्यूनतम वेतन 13,750 रुपये दिया जाएगा।