हिमाचल : असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती पर हिमाचल हाईकोर्ट की रोक बरकरार, मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में हुई सुनवाई
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने 900 असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती मामले की सुनवाई की। अदालत ने भर्ती प्रक्रिया पर पहले से लागू अंतरिम रोक को बरकरार रखा। फिलहाल नियुक्ति पत्र जारी करने और चयनित अभ्यर्थियों को जॉइनिंग देने पर रोक जारी रहेगी।
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हिमाचल प्रदेश में 900 असिस्टेंट स्टाफ नर्स भर्ती मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर पहले से लागू अंतरिम रोक को फिलहाल बरकरार रखा। इसके चलते चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने और जॉइनिंग देने पर रोक जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी। डिवीजन बेंच ने सरकार के फाइल किए गए एफिडेविट पर कड़ी नाराजगी जताई और सरकार से दोबारा विस्तृत और व्यापक हलफनामा दायर करने को कहा।
यह मामला स्वास्थ्य विभाग द्वारा 900 असिस्टेंट स्टाफ नर्सों की भर्ती से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए दलील दी है कि सरकार ने वैधानिक भर्ती एवं पदोन्नति (आरएंडपी) नियमों में आवश्यक संशोधन किए बिना नई श्रेणी बनाकर भर्ती प्रक्रिया शुरू की, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और अन्य पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क रखे गए। खंडपीठ ने फिलहाल अंतरिम आदेश में कोई बदलाव नहीं किया। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी और नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जा सकेंगे।
इससे पहले भी हाईकोर्ट नियमित स्टाफ नर्स भर्ती, आउटसोर्सिंग नीति और स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब कर चुका है। अदालत ने सरकार की भर्ती नीति और नियमित पदों को भरने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। स्टाफ नर्स भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए फिलहाल राहत नहीं मिली है। अब मामले की अगली सुनवाई में राज्य सरकार और याचिकाकर्ताओं की दलीलों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।