Himachal News: वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में आरएलए सोलन का क्लर्क और पांच एजेंट गिरफ्तार, बिलासपुर से जुड़े तार
सोलन के साथ-साथ बिलासपुर, मंडी, ऊना व कांगड़ा के आरोपी शामिल हैं। बिलासपुर का क्लर्क गौरव भारद्वाज मुख्य आरोपी है।
विस्तार
क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) सोलन में सामने आए वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक क्लर्क और पांच एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में शामिल क्लर्क आरएलए सोलन में तैनात था, जबकि एजेंट बिलासपुर, मंडी, ऊना और कांगड़ा के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी झंडूता (बिलासपुर) आरएलए का क्लर्क गौरव भारद्वाज है। बिलासपुर में वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद फरार चल रहे गौरव पर आरोप है कि उसने आरएलए सोलन के क्लर्क के साथ मिलकर फर्जी आईडी तैयार की और पैसों की उगाही व ग्राहक लाने के लिए एजेंट भी तैयार किए। आरएलए सोलन में तैनात क्लर्क पहले बिलासपुर में तैनात था।
आरएलए बिलासपुर में सबसे पहले 20 जनवरी को चोरी की गाड़ियों का अवैध रूप से पंजीकरण का मामला सामने आया था। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने मामले में वरिष्ठ सहायक को गिरफ्तार किया था। इसी बीच, झंडूता (बिलासपुर) आरएलए का क्लर्क गौरव भारद्वाज फरार हो गया। झंडूता से पहले गौरव पहले बिलासपुर में था। इसके बाद 26 जनवरी को सोलन आरएलए में फर्जी तरीके से वाहनों के पंजीकरण का मामला सामने आया। इस मामले की जांच के लिए डीएसपी अशोक चौहान के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। लंबी जांच के बाद अब एसआईटी ने कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए आरएलए सोलन के क्लर्क जितेंद्र ठाकुर की आधिकारिक यूजर आईडी के अतिरिक्त जितेंथा और डॉ. पूनम (एसडीएम सोलन) के नाम से फर्जी यूजर आईडी तैयार की गई थीं। इनके माध्यम से वाहन पंजीकरण से संबंधित सत्यापन एवं अप्रूवल की प्रक्रियाएं अवैध रूप से पूरी की गईं।
जांच में पता चला कि आरएलए झंडूता में तैनात क्लर्क गौरव ने आरएलए सोलन के एडमिन क्रेडेंशियल को अवैध रूप से प्राप्त कर वाहन पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश किया और फर्जी यूजर आईडी तैयार कर वाहनों के सत्यापन और अप्रूवल की प्रक्रियाओं को अवैध रूप से निष्पादित किया। यह भी पता चला कि गौरव ने ही अवैध काम को संगठित तरीके से अंजाम देने के लिए एजेंट तैयार किए। इनके माध्यम से वाहन मालिकों से अवैध धनराशि वसूली जाती थी और इसके बदले वाहन मालिकों के दस्तावेजों में हेराफेरी की जाती थी। इसमें वाहनों का वजन बढ़ाना, ऑनर सीरियल नंबर में परिवर्तन करना, बैंक का नाम हटाना और बिना निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के पंजीकरण एवं स्वामित्व स्थानांतरण करना शामिल है। गौरव के खातों में विभिन्न व्यक्तियों एवं एजेंटों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देने की बात भी सामने आई है।
ये आरोपी किए गिरफ्तार
आरोपियों में आरएलए सोलन का क्लर्क जितेंद्र ठाकुर निवासी चंडी कसौली, अनिल कुमार निवासी गांव मुकराना (बिलासपुर), नरेश कुमार निवासी गांव बोह (बिलासपुर), राज कुमार निवासी ढठवाड़ा, (ऊना), जितेंद्र कुमार निवासी गांव तुनाई (मंडी) और विकास सिंह गांव करोह (कांगड़ा) शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता 318(4) 338, 336(3), 340(2), 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह है मामला
26 जनवरी को आरएलए सोलन की अधिकारी एवं एसडीएम डॉ. पूनम बंसल ने एक शिकायत दी थी। इसमें आरएलए के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर वाणिज्यिक वाहनों (पंजीकरण संख्या एचपी-14डी-4512, एचपी-14डी-4582 एवं एचपी-14डी-4586) के पंजीकरण, लोडेड वेट में संशोधन और स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की बात की गई थी।