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Himachal News: हिमाचल में तीन साल में खनिजों से राजस्व 70 फीसदी बढ़ा, सीएम ने पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

Wed, 29 Jul 2026 06:38 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 29 Jul 2026 06:38 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में खनिजों से मिलने वाले राजस्व में तीन वर्षों में करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि 2021-22 में 200 करोड़ रुपये का राजस्व 2025-26 में बढ़कर 340 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने वैज्ञानिक खनन, पर्यावरण संरक्षण और अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश दिए। पड़ोसी राज्यों के अतिरिक्त शुल्क और चूना पत्थर रॉयल्टी का मुद्दा भी बैठक में उठा।

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himachal mining revenue increased 70 percent cm sukhu environment protection
खनन विंग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व में बीते तीन वर्षों के दौरान करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उद्योग विभाग के खनन विंग की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में मुख्य और लघु खनिजों से प्रदेश को 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 340 करोड़ रुपये हो गया है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड की ओर से हिमाचल से जाने वाले लघु खनिजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से सीमावर्ती क्षेत्रों से खनिजों के परिवहन में कमी आई है, जिसका असर राजस्व पर पड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस विषय को संबंधित राज्यों के समक्ष नियमानुसार उठाया जाए।

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उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार की ओर से चूना पत्थर की रॉयल्टी दरों में संशोधन नहीं किया गया है, जिससे राज्य की आय प्रभावित हो रही है। प्रदेश सरकार अपना उचित अधिकार प्राप्त करने के लिए इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष प्रमुखता से उठाएगी।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खनन गतिविधियां वैज्ञानिक तरीके और पर्यावरणीय मानकों के अनुसार संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नदियों, नालों, जंगलों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

सीएम ने अवैध खनन रोकने के लिए नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन केवल निर्धारित क्षेत्रों में ही किया जाए और सभी संबंधित एजेंसियां इसकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करें।

बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व जलवायु परिवर्तन डॉ. सुशील कुमार सिंगला, निदेशक उद्योग विवेक भाटिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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