{"_id":"69f435cc95f6956f370367aa","slug":"himachal-new-health-insurance-scheme-to-replace-himcare-fails-to-take-off-health-department-shelves-file-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: सिरे नहीं चढ़ रही हिमकेयर की जगह नई स्वास्थ्य बीमा योजना, स्वास्थ्य विभाग ने पेंडिंग में डाली फाइल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: सिरे नहीं चढ़ रही हिमकेयर की जगह नई स्वास्थ्य बीमा योजना, स्वास्थ्य विभाग ने पेंडिंग में डाली फाइल
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 01 May 2026 10:41 AM IST
विज्ञापन
सार
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना की जगह प्रस्तावित नई स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर स्वास्थ्य विभाग निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाया है। स्वास्थ्य विभाग ने योजना से संबंधित फाइल को फिलहाल पेंडिंग में डाल दिया है और अब इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ विस्तृत चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
स्वास्थ्य विभाग, हिमाचल प्रदेश
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना की जगह प्रस्तावित नई स्वास्थ्य बीमा योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। इस योजना को लेकर स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाया है। स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने को लेकर निजी इंश्योरेंस कंपनियों के साथ एमओयू साइन करने को तैयार नहीं है। कई राज्यों ने इंश्योरेंस पॉलिसी को अपनाया लेकिन इसके रिजल्ट ठीक नहीं निकले। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग रिस्क नहीं लेना चाह रहा है।
Trending Videos
स्वास्थ्य विभाग ने योजना से संबंधित फाइल को फिलहाल पेंडिंग में डाल दिया है और अब इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ विस्तृत चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। प्रदेश सरकार हिमकेयर योजना में सामने अनियमितताओं के बाद नई स्वास्थ्य बीमा योजना लाने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमकेयर की जगह मरीजों के इलाज के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी लाने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाहरी राज्यों में शुरू की गई इस योजना में कंपनियों पर लाभ कमाने के आरोप लगे, जबकि आम लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया। इन उदाहरणों को देखते हुए हिमाचल सरकार अब कोई भी जल्दबाजी में फैसला लेने से बच रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि नई योजना को बिना ठोस निगरानी तंत्र और पारदर्शी व्यवस्था के लागू किया गया, तो इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है और लाभार्थियों को भी अपेक्षित राहत नहीं मिल पाएगी।
इसी कारण विभाग ने फिलहाल इस प्रस्ताव को रोकते हुए विस्तृत समीक्षा करने का निर्णय लिया है। अब निगाहें मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जिसमें यह तय होगा कि प्रदेश में नई स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाएगी या फिर हिमकेयर में सुधार कर उसे ही जारी रखा जाएगा। फिलहाल, स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर असमंजस की स्थिति है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल का कहना है कि इंश्योरेंस स्कीम योजना लागू करने के बारे में मुख्यमंत्री के साथ बैठक होनी है।
