HP Panchayat Elections: निर्विरोध चुनीं पंचायतों को मिलेंगे इतने लाख, आज जारी हो सकता है चुनाव का शेड्यूल
हिमाचल प्रदेश में निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज संस्थाओं का शेड्यूल मंगलवार को जारी हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर...
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सरकार ने निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए अनुदान राशि देने की घोषणा की है। किसी पंचायत में प्रधान, उपप्रधान सहित सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाते हैं, तो उस पंचायत को 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसी तरह पंचायत समिति में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाने पर 5 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं जिला परिषद में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाने पर 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। पंचायतीराज विभाग ने सोमवार को जिला उपायुक्तों को यह निर्देश जारी किए हैं।
पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल उन्हीं पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों पर लागू होगी, जहां सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने जाएंगे। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सरल बनाना, आपसी सहमति को बढ़ावा देना और अनावश्यक चुनावी खर्च व विवादों को कम करना है। सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी सौहार्द मजबूत होगा और विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। विभाग ने सभी जिलों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
विभाग ने भले ही अनुदान राशि की अधिसूचना जारी कर दी है, लेकिन यह मामला अभी सरकार के स्तर पर भी विचाराधीन है। इस राशि को बढ़ाया जाना है। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी राशि बढ़ाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री के शिमला पहुंचने पर इस पर फैसला हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज संस्थाओं का शेड्यूल मंगलवार को जारी हो सकता है। सोमवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक की। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में चुनाव की गतिविधियों पर चर्चा हुई। मतदाता सूचियां, बैलेट पेपर, मतपेटियां, संवेदनशील बूथ, कर्मचारियों की ड्यूटी आदि मामलों पर विस्तृत चर्चा हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव के लिए तैयार है। लोगों को भी शेड्यूल का बेसब्री से इंतजार है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों और जिन शहरी निकायों में चुनाव होने है, वहां आचार संहिता लग जाएगी। 24 अप्रैल को मतदाता सूचियों की फाइनल लिस्ट जारी की जानी है।
हिमाचल में वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत जिन लोगों के दावे लंबित हैं, उन्हें पंचायत चुनाव लड़ने में अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। वह भी चुनाव लड़ सकेंगे। पंचायतीराज विभाग ने सोमवार को उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वनवासियों ने यदि वनाधिकार अधिनियम के तहत अपने दावे पहले ही प्रस्तुत कर दिए हैं और उनका निपटारा अभी लंबित है, तो ऐसे व्यक्तियों को पंचायती राज अधिनियम के तहत अयोग्य नहीं माना जा सकता है। यह निर्णय पूर्व में 2 अगस्त 2021 को जारी पत्र के संदर्भ में लिया गया है, जिसमें इस विषय पर मार्गदर्शन मांगा गया था।

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