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हिमाचल प्रदेश: सीबीएसई स्कूलों में अस्थायी तौर पर सेवाएं देते रहेंगे एसएमसी शिक्षक, जानें विस्तार से
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 02 Apr 2026 03:50 PM IST
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सार
एमएमसी के तहत नियुक्त शिक्षकों को स्कूल शिक्षा निदेशालय ने फिलहाल यथावत रखने और बाद में चरणबद्ध तरीके से समायोजित करने की सिफारिश की है। पढ़ें पूरी खबर...
शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों में कार्यरत एमएमसी (स्कूल प्रबंधन समिति) के तहत नियुक्त शिक्षकों के भविष्य को लेकर शिक्षा विभाग में मंथन तेज हो गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सरकार को प्रस्ताव भेजकर इन शिक्षकों को फिलहाल यथावत रखने और बाद में चरणबद्ध तरीके से समायोजित करने की सिफारिश की है।
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जानकारी के अनुसार प्रदेश के 151 सीबीएसई स्कूलों में से 33 स्कूलों में वर्तमान में 78 एसएमसी पीरियड-बेस्ड शिक्षक विभिन्न श्रेणियों में कार्यरत हैं। इन शिक्षकों के लिए सीबीएसई स्कूलों में नियमित रूप से बनाए रखने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इतना ही नहीं, इन्हें सीबीएसई स्कूलों में तैनाती के लिए आयोजित स्क्रीनिंग टेस्ट में भी शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी।
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अस्थायी व्यवस्था के तौर पर बनाए रखने का प्रस्ताव
निदेशालय ने सरकार को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि जब तक स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयनित नियमित और मेधावी शिक्षक सीबीएसई स्कूलों में ज्वाइन नहीं कर लेते, तब तक इन एसएमसी शिक्षकों को 'स्टॉप-गैप अरेंजमेंट' के रूप में यथावत रखा जा सकता है। इससे स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा।
निदेशालय ने सरकार को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि जब तक स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयनित नियमित और मेधावी शिक्षक सीबीएसई स्कूलों में ज्वाइन नहीं कर लेते, तब तक इन एसएमसी शिक्षकों को 'स्टॉप-गैप अरेंजमेंट' के रूप में यथावत रखा जा सकता है। इससे स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा।
बाद में नजदीकी स्कूलों में होगा समायोजन
प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जैसे ही नियमित शिक्षक सीबीएसई स्कूलों में कार्यभार संभालेंगे, एसएमसी शिक्षकों को ब्लॉक या जिला स्तर पर नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी सेवाओं का उपयोग जारी रखा जा सके।
प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जैसे ही नियमित शिक्षक सीबीएसई स्कूलों में कार्यभार संभालेंगे, एसएमसी शिक्षकों को ब्लॉक या जिला स्तर पर नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी सेवाओं का उपयोग जारी रखा जा सके।
एसएमसी शिक्षकों को मिलेगी बड़ी राहत की संभावना
एक और अहम प्रस्ताव के तहत विभाग ने सुझाव दिया है कि जो एसएमसी शिक्षक विभाग में जॉब ट्रेनी के रूप में चयनित हो रहे हैं, उन्हें भविष्य में प्रस्तावित 150 नए सीबीएसई स्कूलों के लिए आयोजित सीबीएसई सब-कैडर टेस्ट में बैठने की अनुमति दी जाए। यह घोषणा मुख्यमंत्री के बजट भाषण 2026-27 में भी की जा चुकी है।
एक और अहम प्रस्ताव के तहत विभाग ने सुझाव दिया है कि जो एसएमसी शिक्षक विभाग में जॉब ट्रेनी के रूप में चयनित हो रहे हैं, उन्हें भविष्य में प्रस्तावित 150 नए सीबीएसई स्कूलों के लिए आयोजित सीबीएसई सब-कैडर टेस्ट में बैठने की अनुमति दी जाए। यह घोषणा मुख्यमंत्री के बजट भाषण 2026-27 में भी की जा चुकी है।
यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो एसएमसी-एलडीआर (लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट) के तहत परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को सीबीएसई स्कूलों में जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्ति का अवसर मिल सकेगा।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
अब यह पूरा मामला सरकार के विचाराधीन है और अंतिम निर्णय शिक्षा सचिव स्तर पर लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इससे न केवल वर्तमान एसएमसी शिक्षकों को राहत मिलेगी बल्कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी अस्थायी रूप से दूर हो सकेगी।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
अब यह पूरा मामला सरकार के विचाराधीन है और अंतिम निर्णय शिक्षा सचिव स्तर पर लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इससे न केवल वर्तमान एसएमसी शिक्षकों को राहत मिलेगी बल्कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी अस्थायी रूप से दूर हो सकेगी।