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हिमाचल विधानसभा सत्र: प्रश्न काल में कांग्रेस विधायकों कमलेश ठाकुर और संजय रतन ने घेरी अपनी ही सरकार, जानें
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:38 PM IST
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सार
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्न कल के दौरान देहरा से कांग्रेस विधायक और मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर ने उनके क्षेत्र में पांच सड़कों का काम अधूरा होने का मामला उठाया। पढ़ें पूरी खबर...
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर और संजय रतन ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। प्रश्न कल के दौरान देहरा से कांग्रेस विधायक और मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर ने उनके क्षेत्र में पांच सड़कों का काम अधूरा होने का मामला उठाया। विधायक ने कहा कि चंडीगढ़ की जिस कंपनी को सड़क निर्माण का काम दिया गया है, वह इसको लेकर गंभीर नहीं है। क्षेत्र में अव्यवस्था का माहौल बनाया हुआ है। धूल मिट्टी उड़ने से लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है।
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उन्होंने कहा कि जिस केमिकल का प्रयोग कंपनी कर रही है उससे स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ज्वालामुखी से कांग्रेस विधायक संजय रतन ने कहा कि जिस कंपन कंपनी को हिमाचल सरकार ने 26 सड़कों का पैकेज दिया है, उसे उत्तराखंड में ब्लैक लिस्ट किया गया है। इस कंपनी की ओर से काम को आउटसोर्स किया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के खिलाफ तीन बार पुलिस केस भी कर चुका हूं। संजय रतन ने हिमाचल के ठेकेदारों को काम देने की पैरवी करते हुए कहा कि चंडीगढ़ कि इस कंपनी से कम वापस लिया जाना चाहिए। कंपनी उच्च ऑफिसर्स से सेटिंग कर एक्सटेंशन बढ़ा रही हैं और काम पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कंपनी के कामकाज की जांच के लिए प्रधान सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। अगर कमेटी की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं मिली तो टेंडर रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीते दिनों भी कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के कई लोगों ने हिमाचल में सड़कों के निर्माण के ठेके ले लिए है जबकि यह हिमाचल की भौगोलिक स्थिति से सही तरीके से वाकिफ नहीं है। बड़ी-बड़ी मशीनों से हिमाचल में खुदाई की जा रही है, जिससे कई जगह भूमि भी हिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विचार करेगी कि भविष्य में कंपनी की कैपेसिटी को देखते हुए एक या दो सड़के ही अधिकतम दी जाए।