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Debt On Himachal: हिमाचल पर कर्ज का पहाड़! सरकार ने 12 महीनों में 13 बार लोन लिया, ऋण 1 लाख करोड़ पार
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 02 Apr 2026 10:15 AM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश सरकार पर 31 मई 2026 को 101863 करोड़ रुपये का कुल बकाया ऋण है। पढ़ें पूरी खबर...
हिमाचल पर एक लाख करोड़ का कर्ज।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पिछले तीन वर्षों में 31 जनवरी 2026 तक ऋण और ब्याज अदायगी पर 26,256 करोड़ खर्च किए हैं। इस अवधि में सरकार ने सामान्य भविष्य निधि में उपार्जित शुद्ध राशि सहित कुल 35,555 करोड़ रुपये के ऋण लिया। सरकार पर 31 मई 2026 को 101863 करोड़ रुपये का कुल बकाया ऋण है। 31 जनवरी 2026 तक पिछले वित्त वर्ष में 8269 करोड़ रुपये खुले बाजार से कर्ज उठाया गया। 550 करोड़ रुपये नाबार्ड, 117 करोड़ बाह्य परियोजनाओं के तहत और 2428 करोड़ रुपये भारत सरकार से ब्याज रहित कर्ज लिया गया। कुल 11364 करोड़ रुपये कर्ज लिया गया।
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सामान्य भविष्य निधि से उपार्जित 262 करोड़ रुपये घटाए जाएं तो 11102 करोड़ कर्ज लिया गया। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी प्रकाश राणा और अन्य भाजपा विधायकों के प्रश्न के उत्तर में सदन के पटल पर रखी। राज्य सरकार की ओर से तीन साल की इस अवधि में उपरोक्त राशि में से ऋण व ब्याज की अदायगी पर वर्ष 2023-24, वर्ष 2024-25 तथा वर्ष 2025-26 में क्रमवार 9163 करोड़ रुपये, 10207 करोड़ रुपये औरा 6886 करोड़ रुपये व्यय किए। पूरे वित्त वर्ष अर्थात 31-03-2026 तक यह 10933 करोड़ रुपये अनुमानित है। दूसरे मदों में व्यय के लिए 1,24,381 करोड़ रुपये की राशि शेष रहती है जो वर्ष 2023-24 में 42,216 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 43,127 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 31 जनवरी 2026 तक 39,038 करोड़ रुपये रही।
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बिजली बोर्ड, परिवहन जैसे कई निगम-बोर्ड घाटे में
बिजली बोर्ड पर 3390.77 घाटा, परिवहन निगम पर 2272.24 करोड़ घाटा, पॉवर कारपोरेशन पर 976.03 करोड़ घाटा, पर्यटन निगम पर 147.45 करोड़ घाटा है। कई कई निगम-बोर्ड भी घाटे में चल रहे हैं। हिमुडा, सामान्य उद्योग निगम, इलेक्ट्राॅनिक कारपोरेशन, खादी बोर्ड आदि लाभ कमा रहे हैं।
ऋण पर हर साल 79.21 करोड़ रुपये लग रहा ब्याज
लिखित उत्तर के अनुसार राज्य सरकार की ओर से 25 फरवरी 2026 को लिए गए 1030 करोड़ रुपये के ऋण पर ब्याज दर 7.69 प्रतिशत है, जिस पर हर वर्ष देय ब्याज की राशि लगभग 79.21 करोड़ रुपये बनती है। सरकार की ओर से खुले बाजार से उठाए गए ऋण किसी परियोजना, विभाग जिला विशेष से संबंधित नहीं होते हैं। इस तरह के ऋण की राशि का उपयोग विभिन्न योजना के वित्तपोषण के लिए किया जाता है। वहीं, कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्त 2024-25 में हिमाचल सरकार ने साल के 12 महीनों में 13 बार लोन लिया।
बिजली बोर्ड पर 3390.77 घाटा, परिवहन निगम पर 2272.24 करोड़ घाटा, पॉवर कारपोरेशन पर 976.03 करोड़ घाटा, पर्यटन निगम पर 147.45 करोड़ घाटा है। कई कई निगम-बोर्ड भी घाटे में चल रहे हैं। हिमुडा, सामान्य उद्योग निगम, इलेक्ट्राॅनिक कारपोरेशन, खादी बोर्ड आदि लाभ कमा रहे हैं।
ऋण पर हर साल 79.21 करोड़ रुपये लग रहा ब्याज
लिखित उत्तर के अनुसार राज्य सरकार की ओर से 25 फरवरी 2026 को लिए गए 1030 करोड़ रुपये के ऋण पर ब्याज दर 7.69 प्रतिशत है, जिस पर हर वर्ष देय ब्याज की राशि लगभग 79.21 करोड़ रुपये बनती है। सरकार की ओर से खुले बाजार से उठाए गए ऋण किसी परियोजना, विभाग जिला विशेष से संबंधित नहीं होते हैं। इस तरह के ऋण की राशि का उपयोग विभिन्न योजना के वित्तपोषण के लिए किया जाता है। वहीं, कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्त 2024-25 में हिमाचल सरकार ने साल के 12 महीनों में 13 बार लोन लिया।