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हिमाचल: विद्यार्थी के कुल वजन के 10 फीसदी तक ही भारी होगा बैग, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 22 May 2026 12:01 PM IST
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सार

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब प्रदेश के किसी भी स्कूल में विद्यार्थियों के स्कूल बैग का वजन उनके शारीरिक वजन के 10 प्रतिशत (यानी 10 गुना कम) से अधिक नहीं होगा।

Himachal: School Bags to Weigh No More Than 10 percent of Student's Total Weight; Education Department Issues
स्कूल बैग(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

स्कूली बच्चों की पीठ पर लदे भारी-भरकम बस्तों के बोझ को कम करने के लिए हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब प्रदेश के किसी भी स्कूल में विद्यार्थियों के स्कूल बैग का वजन उनके शारीरिक वजन के 10 प्रतिशत (यानी 10 गुना कम) से अधिक नहीं होगा। इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए प्रदेशभर के सभी सरकारी और निजी स्कूल प्रबंधकों को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक यह नियम प्रदेश के सभी निजी और सरकारी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।

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देखा जाता है कि निजी स्कूल कई अतिरिक्त किताबें और कॉपियां अनिवार्य कर देते हैं, जिससे बच्चों के बैग का वजन काफी बढ़ जाता है। अब स्कूल प्रबंधन को खुद यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी बच्चे के बस्ते का वजन तय सीमा को पार न करे। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। बैग के बढ़ते वजन पर लगाम लगाने के लिए विभाग ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अब सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की प्रामाणिक किताबों को पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है।

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कई निजी स्कूल अपने फायदे के लिए निजी प्रकाशकों की मोटी और भारी किताबें पाठ्यक्रम में शामिल कर लेते हैं। इस नई अनिवार्यता के बाद निजी प्रकाशकों की मनमानी पर पूरी तरह रोक लगेगी और बच्चों को केवल जरूरी और स्तरीय पाठ्यसामग्री ही पढ़नी होगी। उधर, शिक्षा उप निदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान बताया कि इस आदेश को धरातल पर उतारने के लिए स्कूल प्रबंधकों को अपने स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं करनी होंगी। स्कूलों में टाइम-टेबल को इस तरह से डिजाइन करना होगा ताकि बच्चों को रोजाना सभी विषयों की किताबें न लानी पड़ीं। बच्चों को केवल वही कॉपियां और किताबें लाने के लिए कहा जाएगा, जिनकी उस दिन आवश्यकता हो। उन्होंने सभी स्कूलों को इस व्यवस्था को शुरू करने के निर्देश दिए है।

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