HPU Shimla: नियमित और पार्ट टाइम पीएचडी के लिए कल से आवेदन, इन दो पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा रद्द
विश्वविद्यालय के विभिन्न शिक्षण विभागों, संस्थानों और केंद्रों में पीएचडी दाखिलों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन प्रक्रिया 23 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पहली बार नियमित और पार्ट टाइम पीएचडी कार्यक्रमों के लिए एक साथ प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय के विभिन्न शिक्षण विभागों, संस्थानों और केंद्रों में पीएचडी दाखिलों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन प्रक्रिया 23 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी। यह पहली प्रवेश प्रक्रिया होगी, इसमें हाल ही में अधिसूचित पार्ट टाइम पीएचडी एडेंडम को औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा। इसमें पार्ट टाइम शोधार्थियों के प्रवेश नियमित सीटों से अलग अतिरिक्त श्रेणी में किए जाएंगे, जिन्हें कुल निर्धारित सीटों में नहीं जोड़ा जाएगा। विवि ने इससे पहले पार्ट टाइम पीएचडी के लिए अलग नियामक ढांचा अधिसूचित किया था, इसमें कार्यरत पेशेवरों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष पात्रता शर्तें तय की गई हैं।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि पार्ट-टाइम पीएचडी में केवल कार्यरत अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे। नियमित पद पर कार्यरत शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य रखा गया है, जबकि गेस्ट या कॉन्ट्रेक्ट आधार पर कार्य करने वालों के लिए पांच वर्ष का अनुभव आवश्यक होगा, अन्य पेशेवर श्रेणियों के लिए भी अलग अनुभव मानदंड तय किए गए हैं। आवेदन के समय नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाण पत्र देना भी अनिवार्य होगा। प्रवेश प्रक्रिया यूजीसी-नेट, प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगी। हालांकि कुछ सीमित श्रेणियों को निर्धारित शर्तों के तहत प्रवेश परीक्षा से छूट का प्रावधान दिया गया है। विश्वविद्यालय ने इंटरव्यू मूल्यांकन के लिए अलग अंक प्रणाली भी लागू की है जिसमें अनुभव, शोध प्रस्ताव और प्रस्तुति को शामिल किया गया है।
इन विभागों में प्रवेश
पार्ट टाइम शोधार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर या अपने कार्यस्थल से शोध कार्य करने की अनुमति होगी लेकिन इसके लिए आवश्यक शोध सुविधाओं की उपलब्धता और समय सुनिश्चित करना होगा। विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि पार्ट टाइम और नियमित पीएचडी डिग्री में कोई अंतर नहीं होगा और दोनों के लिए समान शैक्षणिक मानक लागू रहेंगे। ऑनलाइन आवेदन और विस्तृत पीएचडी विनियम विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिए गए हैं। रसायन विज्ञान, गणित, भौतिकी, बायो साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, बॉटनी, जूलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, अंग्रेजी, लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिंदी, संस्कृत, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, विजुअल आर्ट्स, समाजशास्त्र एवं सामाजिक कार्य, विधि, शारीरिक शिक्षा, वोकेशनल स्टडीस, बिजनेस स्टडीस, फॉरेंसिक साइंस, शिक्षा, पर्यावरण विज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार, मनोविज्ञान, योग और ग्रीन एनर्जी, नैनो टेक्नोलॉजी विभागों एवं केंद्रों में प्रवेश होंगे।
एमए सोशल वर्क और ग्रामीण विकास पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा रद्द
प्रदेश विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमए सोशल वर्क और एमए ग्रामीण विकास पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षा रद्द कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कम संख्या में आवेदन प्राप्त होने के चलते यह फैसला लिया है। दोनों पाठ्यक्रमों के लिए 2 जून को प्रस्तावित प्रवेश परीक्षा अब नहीं होगी। डीन ऑफ स्टडीज कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इन कोर्सों में प्रवेश अब शैक्षणिक योग्यता यानी अकादमिक मेरिट के आधार पर किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश और काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम अलग से जारी किया जाएगा। साथ ही अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में विश्वविद्यालय ने कम दाखिले वाले कोर्सों को बंद करने से संबंधित नीति भी लागू की है। इसके तहत 50 फीसदी से कम दाखिले या 15 से कम छात्रों वाले कोर्स आगामी सत्रों में संचालित नहीं किए जाएंगे। ऐसे में सोशल वर्क और ग्रामीण विकास जैसे पाठ्यक्रमों में कम आवेदन संख्या ने विश्वविद्यालय के भीतर छात्र रुचि और कोर्स चयन को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।