UPSC Result 2025: यूपीएससी परीक्षा में चमके हिमाचल के हीरे, कुपवी के विकास पंवार का 159वां स्थान
हिमाचल के कई होनहार युवाओं ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर इतिहास रचा है।
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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी हो चुका है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में राजस्थान के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है, जबकि तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे एम दूसरे और पंचकुला के एकांश ढुल तीसरे स्थान पर रहे। इस बार कुल 958 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। हिमाचल के कई होनहार युवाओं ने भी परीक्षा पास की है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा-2025 में हिमाचल प्रदेश के विकास ने 159वीं रैंक हासिल की है। शिमला जिले के कुपवी के जुब्बली गांव के विकास पंवार (22) पहले भी पंचायत सचिव, टीजीटी कला और आयकर निरीक्षक की परीक्षा पास कर इन पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। विकास नवंबर 2025 में कौन बनेगा करोड़पति टीवी शो में भी प्रतिभा के दम पर 50 लाख रुपये जीत चुके हैं। विकास ने 12वीं की पढ़ाई डीएवी न्यू शिमला से पूरी की है। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से राजनीति शास्त्र में बीए (ऑनर्स) किया। उन्होंने यूजीसी-नेट भी क्वालिफाई किया है। विकास के पिता चतर सिंह दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। पिता ने बताया कि विकास ने सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में हिमाचल में टॉप किया था। बेटे की इस बड़ी कामयाबी से पूरे कुपवी क्षेत्र मे खुशी का माहौल है।
सीएम सुक्खू ने दी बधाई
सीएम सुक्खू ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा-2025 में कुपवी के जुब्बली गांव के निवासी विकास पंवार ने 159वीं रैंक हासिल कर पूरे प्रदेश का नाम देश भर में रोशन किया है। विकास की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। पूरे हिमाचल प्रदेश को इस सफलता पर गर्व है।
जौंटा के पुलिस निरीक्षक संजीव ने पास की यूपीएससी परीक्षा
वहीं नूरपुर तहसील के जौंटा गांव के इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली है। देशभर में उन्होंने 844वां स्थान हासिल कर जिला कांगड़ा और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मौजूदा समय में संजीव हिमाचल पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं और नाहन में सेवाएं दे रहे हैं। संजीव कुमार की प्राथमिक शिक्षा जौंटा और कोटला स्कूल से हुई है। वहीं धर्मशाला कॉलेज में उन्होंने बीएससी और एमए (राजनीतिक शास्त्र) विषय में की है। वर्ष 2020 में परीक्षा पास कर वह पुलिस में एसआई बने और अक्तूबर, 2025 में वह प्रमोट होकर इंस्पेक्टर बने। नौकरी के साथ कड़ी मेहनत और पढ़ाई कर उन्होंने सिविल सर्विसेज एग्जाम पास किया है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता वीना देवी, पिता प्यार सिंह, पत्नी रितु, भाई विकास कुमार और गुरुजनों के साथ हिमाचल पुलिस को दिया।

अदित्य ने यूपीएससी परीक्षा में 753वीं रैंक की हासिल
वहीं नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के धलूं गांव निवासी अदित्य धीमान (23) पुत्र डॉ. संजय कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग की ओर से घोषित सिविल सर्विस परिणाम 2025 में देशभर में 753वीं रैंक हासिल की है। अदित्य धीमान ने यह परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में बिना किसी कोचिंग के उत्तीर्ण की है। इससे पहले अदित्य धीमान ने क्लैट के माध्यम से एनएलयूआई भोपाल में दाखिला लिया था। पांच साल तक एलएलबी ऑनर्स की पढ़ाई की है। अदित्य के पिता संजय कुमार धीमान हाल ही में राहत एवं पुनर्वास कार्यालय राजा का तालाब से उपायुक्त के रूप में सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी माता कुशला धीमान स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं। अदित्य ने अपनी सफलता का श्रेय माता–पिता, दादा रतन चंद, दादी शांति देवी और अपने समस्त गुरुजनों को दिया।

घुमारवीं के जितेंद्र चंदेल का यूपीएससी में 804वीं रैंक
उपमंडल घुमारवीं के गांव घुमाणी के होनहार जितेंद्र चंदेल ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास कर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने परीक्षा में 804वाीं रैंक हासिल की है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचएएस) परीक्षा में भी तीसरा स्थान हासिल कर चुके हैं। वर्तमान में उनकी एचएएस की ट्रेनिंग मंडी में चल रही है। जितेंद्र चंदेल की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जितेंद्र ने 10वीं कक्षा तक शिक्षा स्वामी विवेकानंद मेमोरियल स्कूल कंदरौर से प्राप्त की। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई मिनर्वा स्कूल घुमारवीं से पूरी की। उन्होंने बिलासपुर कॉलेज से वर्ष 2014 से 2017 के बीच बीएससी (जूलॉजी) में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। जितेंद्र ने वर्ष 2020 में यूजीसी नेट जेआरएफ परीक्षा पास की और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में बायोकेमिस्ट्री विषय में पीएचडी में प्रवेश लिया। इसी दौरान उन्होंने वर्ष 2021 से 2024 तक सिविल सर्विसेज की तैयारी जारी रखी और अब यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर ली। जितेंद्र चंदेल के पिता संतोष चंदेल गांव घुमाणी में वर्कशॉप चलाते हैं, जबकि माता कमलेश चंदेल गृहिणी हैं। उनके दोनों भाई हरीश और अक्षय चंदेल अपने पिता के साथ वर्कशॉप में हाथ बंटाते हैं। जितेंद्र चंदेल ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों को दिया है।
