HPU Admission 2026: होटल मैनेजमेंट और टूरिज्म कोर्स की नॉन-सब्सिडाइज्ड फीस बढ़ी, बीएड रिजल्ट भी घोषित
एचपीयू ने 2026-27 सत्र के लिए बीएचएम और टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट की नॉन-सब्सिडाइज्ड फीस बढ़ा दी है तथा 15 जुलाई तक प्रवेश आवेदन आमंत्रित किए हैं। साथ ही बीएड प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया है, जेनेरिक इलेक्टिव परीक्षाओं का संशोधित कार्यक्रम जारी हुआ है और नए सत्र से विद्यार्थियों को डिजिटल आईडी कार्ड भी दिए जाएंगे।
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एचपीयू ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल स्टडीज के दो व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नॉन-सब्सिडाइज्ड फीस में बढ़ोतरी की है। बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट (बीएचएम) की वार्षिक नॉन-सब्सिडाइज्ड फीस 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये और फाइव ईयर इंटीग्रेटेड कोर्स इन टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट (एफवाईआईसीटीटीएम) की फीस 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 62,500 रुपये प्रतिवर्ष कर दी गई है। इसी के साथ दोनों पाठ्यक्रमों की बची हुई सब्सिडाइज्ड और नॉन-सब्सिडाइज्ड सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन भी आमंत्रित किए हैं।
बीएचएम, फवाईआईसीटीटीएम की रिक्त सीटों पर मेरिट के आधार पर दाखिले होंगे। इच्छुक अभ्यर्थी 15 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। बीएचएम में नॉन-सब्सिडाइज्ड श्रेणी के विद्यार्थियों को केवल ट्यूशन फीस मद में ही 15 हजार रुपये प्रतिवर्ष अधिक देने होंगे। पहले वर्ष में इस पाठ्यक्रम के लिए कुल 82,155 रुपये जमा करने होंगे, जबकि दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष में कुल फीस 80,590 रुपये रहेगी। एफवाईआईसीटीटीएम में भी नॉन-सब्सिडाइज्ड फीस में 12,500 रुपये प्रतिवर्ष की बढ़ोतरी की गई है।
इस श्रेणी के विद्यार्थियों को पहले वर्ष में कुल 69,655 रुपये जमा करने होंगे। वहीं सब्सिडाइज्ड सीटों पर पहले वर्ष की फीस छात्रों के लिए 19,345 रुपये और छात्राओं के लिए 16,345 रुपये निर्धारित की गई है। विवि ने स्पष्ट किया है कि दोनों पाठ्यक्रमों की परीक्षा फीस और विश्वविद्यालय पंजीकरण शुल्क निर्धारित फीस में शामिल नहीं हैं। इनका भुगतान परीक्षा नियंत्रक और संबंधित शाखा के माध्यम से अलग से करना होगा।
एचपीयू ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीएड कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का परिणाम सोमवार को घोषित कर दिया। यह परीक्षा एचपीयू से संबद्ध बीएड कॉलेजों और सरदार पटेल विवि मंडी से संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रदेशभर के 26 परीक्षा केंद्रों पर करवाई गई थी। मेडिकल वर्ग में सामान्य श्रेणी का सर्वोच्च अंक 124, अनुसूचित जाति का 119 और अनुसूचित जनजाति का 117 रहा। नॉन मेडिकल वर्ग में ओबीसी श्रेणी का सर्वोच्च अंक 124, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति दोनों में 123-123 अंक रहे। वहीं कला एवं वाणिज्य वर्ग में ओबीसी ओपन श्रेणी का सर्वोच्च अंक 127, अनुसूचित जाति का 120 और अनुसूचित जनजाति का 112 अंक दर्ज किया गया। यदि किसी अभ्यर्थी को अपनी श्रेणी या विषय वर्ग से संबंधित कोई त्रुटि दिखाई देती है तो वह 9 जुलाई तक ई-मेल के माध्यम से आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके बाद 14 जुलाई को अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की जेनेरिक इलेक्टिव (जीई) परीक्षाओं का अलग से विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। विश्वविद्यालय ने कहा कि हालांकि इन परीक्षाओं का उल्लेख पहले ही संबंधित विषयों की डेटशीट में किया गया था। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अलग अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार दूसरे सेमेस्टर के विभिन्न जेनेरिक इलेक्टिव विषयों की परीक्षाएं 8 जुलाई को सुबह 9 से 12 बजे और दोपहर 2 से 5 बजे तक होंगी। इनमें मीडिया लेखन एवं हिंदी पत्रकारिता, हिमाचल का इतिहास, एडवांस्ड एकेडमिक राइटिंग, सूचना का अधिकार, प्रबंधन, कन्वर्जेंस मीडिया, योग एवं मानव मूल्य, हिमाचल का भूगोल, सामाजिक जनसांख्यिकी, अर्थशास्त्र, पर्यटन, सकारात्मक मनोविज्ञान और अन्य विषय शामिल हैं। इसी तरह चौथे सेमेस्टर के जेनेरिक इलेक्टिव विषयों की परीक्षाएं 9 जुलाई को होंगी। कुछ विषयों की परीक्षा का समय पहले जारी डेटशीट की तुलना में सुबह से दोपहर अथवा दोपहर से सुबह किया गया है।
एचपीयू के विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र से डिजिटल पहचान पत्र मिलेंगे। अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) प्रो. आरएल जिंटा ने सोमवार को ईआरपी टीम के साथ बैठक कर डिजिटल पहचान पत्र को ईआरपी मॉड्यूल का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए। ईआरपी टीम ने इस पर सहमति जताते हुए इसी शैक्षणिक सत्र से डिजिटल कार्ड जारी करने का आश्वासन दिया। इससे विद्यार्थी अपने मोबाइल फोन में हर समय पहचान पत्र रख सकेंगे। प्रो. आरएल जिंटा ने सोमवार को अधिष्ठाता छात्र कल्याण का पदभार भी संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विवि के कुलपति प्रो. महावीर सिंह से शिष्टाचार भेंट भी की।