HP Politics: जयराम ठाकुर बोले- अपनी कुर्सी बचाने के लिए मंत्रियों के अपमान से भी गुरेज नहीं कर रहे मुख्यमंत्री
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के कामकाज से जनता के साथ उनके अपने मंत्री और विधायक भी हताश व निराश हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री न तो उप मुख्यमंत्री की सुनते हैं और न ही मंत्रिमंडल के सहयोगियों की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी में आयोजित द्रंग विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दाैरान उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। इस दौरान17 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते मिले दायित्व को सभी पूरी ईमानदारी से निभाएंगे, क्योंकि इस चुनाव के लिए भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट तक लंबी लड़ाई लड़ी है, जबकि कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने लोकतंत्र को कुचलने और आठ महीने तक कामकाज रोकने का काम किया है।
उन्होंने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में 70 प्रतिशत जनप्रतिनिधि भाजपा के जीते हैं और जनता ने पंचायत चुनावों के माध्यम से कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनादेश दिया है, जिसका चार साल का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही अब उतराई का समय शुरू हो चुका है और लोग भाजपा सरकार की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आपदा एक्ट की आड़ लेकर चुनाव टालने और जीतने के बाद भी डेढ़ महीने तक शपथ न दिलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बहुमत से डरे हुए हैं और जनादेश को प्रभावित करने के लिए धनबल व सत्ता का डर दिखाकर जीते हुए प्रतिनिधियों को खरीदने का असफल प्रयास कर रहे हैं, जिससे उनमें भारी हताशा है। उन्होंने स्थानीय निकायों के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा तीन नगर निगम बनाने में कामयाब रही जबकि कांग्रेस केवल पालमपुर जीत सकी।
मंडी जिले में भाजपा ने 36 में से 29 सदस्य जीते जबकि कांग्रेस मात्र चार पर सिमट गई। वहीं 12 में से पांच जगह भाजपा ने जिला परिषद बनाई जबकि कांग्रेस सिर्फ एक जगह बना पाई और बाकी छह जगह चुनाव टाले जा रहे हैं। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में मंडी जिले की सभी दस सीटें जीतकर कांग्रेस का पूरी तरह सफाया करने का आह्वान करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्यकाल में मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर की पूरी तरह अनदेखी कर काम ठप किए गए हैं और सरकार सिर्फ नादौन में काम कर रही है, जहां मुख्यमंत्री खुद जिला परिषद की चार में से मात्र एक सीट जीत पाए और भाजपा ने तीन सीटें जीतीं।
बाद में मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के कामकाज से जनता के साथ उनके अपने मंत्री और विधायक भी हताश व निराश हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री न तो उप मुख्यमंत्री की सुनते हैं और न ही मंत्रिमंडल के सहयोगियों की। उन्होंने शिक्षा मंत्री को द्रंग के देऊरी स्कूल में उद्घाटन करने से रोके जाने की घटना को चुने हुए जनप्रतिनिधि का घोर अपमान बताते हुए कहा कि अपनी कुर्सी बचाने और हाईकमान को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री मंत्रियों का अपमान करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं, और ऐसी जलालत झेलने से अच्छा तो मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था।
अंत में उन्होंने आश्वासन दिया कि द्रंग और सराज को उन्होंने हमेशा एक माना है और द्रंग के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। फिलहाल प्रतिनिधि केंद्र के बजट से काम चलाएं और 2027 में भाजपा सरकार बनते ही दोगुनी रफ्तार से विकास कार्यों को गति दी जाएगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर विधायक पूर्ण चंद, भाजपा महामंत्री पायल वैद्य, जिला प्रभारी बलदेव भंडारी, पूर्व विधायक बलदेव तोमर, ज्योति कपूर, निर्मल वर्मा, इंदर ठाकुर, राज ठाकुर, मेहर चंद भारती, राजबली, रोशन लाल, चंपा देवी, दीपक शर्मा, पार्वती देवी, संजय कुमार, सुनीता और चूड़ामणि ठाकुर सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।