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Mandi: कंगना बोलीं- हैंडलूम सिर्फ कपड़ा नहीं, हमारी संस्कृति की पहचान
Fri, 07 Aug 2026 08:57 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 07 Aug 2026 08:57 PM IST
सार
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि हैंडलूम केवल पहनावा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, कारीगरों की मेहनत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
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सांसद कंगना रणाैत।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रणौत ने देशवासियों से भारतीय हैंडलूम उत्पाद अपनाने और स्थानीय बुनकरों का समर्थन करने का आग्रह किया। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि हैंडलूम केवल पहनावा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, कारीगरों की मेहनत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का अनुसरण करते हुए कम से कम एक हैंडलूम उत्पाद खरीदने की बात कही।
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कंगना ने बताया कि पहले वह विदेशी ब्रांड्स से प्रभावित थीं, लेकिन आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल अभियान ने उनकी सोच बदली। उन्होंने कहा कि भारतीयों को अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करना चाहिए। कच्छ का पारंपरिक हैंडलूम परिधान पहनने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हैंडलूम खरीदने से बुनकरों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पारंपरिक शिल्प नई पीढ़ी तक सुरक्षित रहेगा।
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