फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal: Over 1.07 lakh govt posts vacant; state govt provides details in affidavit filed in High Court.

हिमाचल: 1.07 लाख से अधिक सरकारी पद खाली, सरकार ने हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में दी जानकारी

Sat, 15 Aug 2026 12:08 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 15 Aug 2026 12:08 PM IST
सार

उच्च हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत एक शपथपत्र के माध्यम से प्रदेश में सरकारी नौकरियों के स्वीकृत पदों, रिक्तियों और आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति का ब्योरा दिया गया है। 

विज्ञापन
Himachal: Over 1.07 lakh govt posts vacant; state govt provides details in affidavit filed in High Court.
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश उच्च हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत एक शपथपत्र के माध्यम से प्रदेश में सरकारी नौकरियों के स्वीकृत पदों, रिक्तियों और आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति का ब्योरा दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल स्वीकृत पदों की तुलना में 1.07 लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं। राज्य सरकार की ओर से दायर हलफनामे में बताया गया कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत कुल स्वीकृत पदों की संख्या 3,36,542 है। जबकि वर्तमान में भरे गए पदों की संख्या 2,28,891 और कुल रिक्त पद, 1,07,466 और आउटसोर्स के तहत कार्यरत कर्मचारी 14,619 हैं।

विज्ञापन

2023 से अब तक 22,000 से अधिक भर्तियां हुईं
सरकार ने अदालत को बताया कि 1 जनवरी 2023 के बाद से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। 10,989 पद भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत भरे गए।12,004 पद लोक सेवा आयोग और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग) के माध्यम से भरे गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

आउटसोर्स कर्मचारियों के आंकड़ों पर स्पष्टीकरण
राज्य सरकार ने पूर्व में 15 जून 2026 को दायर किए गए हलफनामे पर स्थिति स्पष्ट की। पहले आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या 26,724 दर्शाई गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया कि उसमें 12,105 व्यक्ति केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत कार्यरत थे, जिन्हें शामिल करने के कारण वह संख्या अधिक दिख रही थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने इस हलफनामे का अध्ययन करने के लिए समय मांगा है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर दिया।वहीं, राज्य ने भी 5 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय का अनुरोध किया है। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed