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Shimla News: कराटे के प्रशिक्षण हाॅल में बना दिया दफ्तर, खिलाड़ी परेशान
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बच्चे कॉरिडोर में प्रशिक्षण लेने को मजबूर
साल 2007 में कराटे के लिए तैयार किया था हॉल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला के कराटे के प्रशिक्षण हॉल में दफ्तर बना दिया है। इस कारण परिसर में कराटे के प्रशिक्षण ले रहे बच्चों को मजबूरन खेल परिसर के कॉरिडोर में कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं।
खेल परिसर में साल 2005 से बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साल 2007 में कराटे का हॉल तैयार किया था। वर्ष 2007 से लेकर 2022 तक यहीं पर बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण दिया जाता था। इसके बाद यहां पर खेल विभाग के निदेशक का अस्थायी दफ्तर बना दिया था और बच्चों की कक्षाएं परिसर के कॉरिडोर में हो रही है। अब इसी हॉल के अंदर ही एक हिस्से में प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में नियुक्त किए राज्य यूथ बोर्ड के उपाध्यक्ष को बैठाने की तैयारी है। इनके लिए दफ्तर तैयार किया जा रहा है। दफ्तर बनाने का काम चल रहा है। गौरतलब है कि खेल परिसर में वर्तमान समय में करीब 60 से 70 बच्चे कराटे का प्रशिक्षण ले रहे हैं। बीते दिनों समस्या को लेकर बच्चों के अभिभावक मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेज चुके हैं कि प्रशिक्षण ले रहे बच्चों को उचित और सुरक्षित स्थान दिया जाए। इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला के प्रभारी अनुराग वर्मा ने कहा कि खेल परिसर में बच्चों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। कराटे के बच्चों को कॉरिडोर में खुले में जगह दी है।
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साल 2007 में कराटे के लिए तैयार किया था हॉल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला के कराटे के प्रशिक्षण हॉल में दफ्तर बना दिया है। इस कारण परिसर में कराटे के प्रशिक्षण ले रहे बच्चों को मजबूरन खेल परिसर के कॉरिडोर में कक्षाएं लगानी पड़ रही हैं।
खेल परिसर में साल 2005 से बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साल 2007 में कराटे का हॉल तैयार किया था। वर्ष 2007 से लेकर 2022 तक यहीं पर बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण दिया जाता था। इसके बाद यहां पर खेल विभाग के निदेशक का अस्थायी दफ्तर बना दिया था और बच्चों की कक्षाएं परिसर के कॉरिडोर में हो रही है। अब इसी हॉल के अंदर ही एक हिस्से में प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में नियुक्त किए राज्य यूथ बोर्ड के उपाध्यक्ष को बैठाने की तैयारी है। इनके लिए दफ्तर तैयार किया जा रहा है। दफ्तर बनाने का काम चल रहा है। गौरतलब है कि खेल परिसर में वर्तमान समय में करीब 60 से 70 बच्चे कराटे का प्रशिक्षण ले रहे हैं। बीते दिनों समस्या को लेकर बच्चों के अभिभावक मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेज चुके हैं कि प्रशिक्षण ले रहे बच्चों को उचित और सुरक्षित स्थान दिया जाए। इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला के प्रभारी अनुराग वर्मा ने कहा कि खेल परिसर में बच्चों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। कराटे के बच्चों को कॉरिडोर में खुले में जगह दी है।
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