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Shimla News: हड़ताली सफाई कर्मियों की सेवा समाप्ति पर एमसी से जवाब तलब
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अनुसूचित जाति आयोग ने आयुक्त से मांगी रिपोर्ट
वेतन कटौती, दोबारा नियुक्ति पर लिए शपथपत्रों की होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम शिमला और एसईएचबी सोसायटी के सफाई कर्मियों तथा पर्यवेक्षकों से जुड़े कथित सेवा संबंधी विवाद पर हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने नगर निगम आयुक्त से रिपोर्ट तलब की है।
आयोग के सदस्य सचिव विश्रुत भारती (एचपीएएस) की ओर से 6 अगस्त 2026 को जारी पत्र में कर्मचारियों की ओर से की गई शिकायत को नगर निगम आयुक्त को भेजते हुए प्रत्येक आरोप पर बिंदुवार टिप्पणी मांगी है। आयोग को भेजी शिकायत में हड़ताल के दौरान सफाई कर्मियों और पर्यवेक्षकों की कथित सेवा समाप्ति, हड़ताल अवधि के वेतन में कटौती और बहाली के समय शपथपत्र या अंडरटेकिंग लिए जाने समेत अन्य सेवा संबंधी शिकायतें उठाई हैं। आयोग ने नगर निगम से संबंधित कर्मचारियों के टर्मिनेशन और री-इंस्टेटमेंट आदेशों की प्रतियां उपलब्ध करवाने को कहा है। इसके साथ ही हड़ताल अवधि में वेतन कटौती का पूरा ब्योरा देने और यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं कि बहाली के समय कर्मचारियों से कोई शपथपत्र या अंडरटेकिंग लिया गया था या नहीं।
आयोग ने नगर निगम से प्रभावित कर्मचारियों की मौजूदा स्थिति समेत विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट और एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) 15 दिन के भीतर आयोग को उपलब्ध करवाने को कहा है। पत्र की प्रतियां शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव, हिमाचल प्रदेश के श्रम आयुक्त, शिमला के उपायुक्त, एसईएचबी सोसायटी के प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।
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वेतन कटौती, दोबारा नियुक्ति पर लिए शपथपत्रों की होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम शिमला और एसईएचबी सोसायटी के सफाई कर्मियों तथा पर्यवेक्षकों से जुड़े कथित सेवा संबंधी विवाद पर हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने नगर निगम आयुक्त से रिपोर्ट तलब की है।
आयोग के सदस्य सचिव विश्रुत भारती (एचपीएएस) की ओर से 6 अगस्त 2026 को जारी पत्र में कर्मचारियों की ओर से की गई शिकायत को नगर निगम आयुक्त को भेजते हुए प्रत्येक आरोप पर बिंदुवार टिप्पणी मांगी है। आयोग को भेजी शिकायत में हड़ताल के दौरान सफाई कर्मियों और पर्यवेक्षकों की कथित सेवा समाप्ति, हड़ताल अवधि के वेतन में कटौती और बहाली के समय शपथपत्र या अंडरटेकिंग लिए जाने समेत अन्य सेवा संबंधी शिकायतें उठाई हैं। आयोग ने नगर निगम से संबंधित कर्मचारियों के टर्मिनेशन और री-इंस्टेटमेंट आदेशों की प्रतियां उपलब्ध करवाने को कहा है। इसके साथ ही हड़ताल अवधि में वेतन कटौती का पूरा ब्योरा देने और यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं कि बहाली के समय कर्मचारियों से कोई शपथपत्र या अंडरटेकिंग लिया गया था या नहीं।
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आयोग ने नगर निगम से प्रभावित कर्मचारियों की मौजूदा स्थिति समेत विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट और एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) 15 दिन के भीतर आयोग को उपलब्ध करवाने को कहा है। पत्र की प्रतियां शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव, हिमाचल प्रदेश के श्रम आयुक्त, शिमला के उपायुक्त, एसईएचबी सोसायटी के प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।
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