{"_id":"6a316a54734063760207273a","slug":"modern-lab-to-be-set-up-at-igmc-patients-to-benefit-shimla-news-c-19-sml1002-739299-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: आईजीएमसी में लगेगी आधुनिक \nलैब, मरीजों को मिलेगी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: आईजीएमसी में लगेगी आधुनिक लैब, मरीजों को मिलेगी सुविधा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
टेस्ट होने के बाद मरीजों को रिपोर्ट कम समय में ऑनलाइन मिल जाएगी
लैब में ऑटोमेटिक होगी सभी प्रकार की मशीनरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना के बाद दूसरे चरण में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अत्याधुनिक हाई एंड लैब की सुविधा मिलेगी। इससे सीधे तौर पर मरीजों को बेहतर सुविधा मिल जाएगी। अस्पताल की सरकारी लैब में 24 घंटे टेस्ट होंगे।
चमियाना अस्पताल में मशीन स्थापित होने के बाद आईजीएमसी में मशीनरी लगाने के लिए टेंडर किए जाएंगे। यह टेंडर मेडिकल कॉर्पोरेशन की ओर से किए जाएंगे। इस पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मशीनें लगने के बाद आईजीएमसी में कार्य सुगम हो जाएगा। खास बात यह है कि मशीनरी पूरी तरह से हाई एंड टेक होगी और स्वचालित होगी।
ऐसे में अस्पताल में सैंपल लेने में भी तेजी आ जाएगी। इसके साथ सैंपलों की प्रोसेसिंग में भी अधिक समय व्यर्थ नहीं होगा। सैंपल जांच के बाद रिपोर्ट के लिए मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। मरीजों को रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिल जाएगी। ऑन स्क्रीन रिपोर्ट जनरेट होने से रिपोर्ट को चिकित्सक ऑनलाइन भी देख कर स्टडी कर सकेंगे, इससे समय बचेगा। लैब के स्थापित होने के बाद मरीजों की परेशानी और समय दोनों बचेगा। हाई एंड लैब के अस्पतालों में स्थापित होने के बाद अस्पतालों की रक्त सैंपल जांच करने वाली लैब में भीड़ खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन
कमांड पर काम करेगी मशीन
हाई एंड लैब में मशीनें कमांड पर कार्य करेंगी। यानी सैंपल लेने के बाद प्रोसेसिंग के लिए कमांड देनी होगी। इसके बाद जिस चीज का पता लगाने के लिए सैंपल जांचा जाना है वह स्वयं टेस्ट करने के बाद वायल भी स्वयं ही नष्ट हो जाएगी। अभी तक लगाई गईं मशीनों में सैंपल को स्वयं प्रोसेसिंग के लिए रखना पड़ता है। इसके बाद सैंपल जांच के बाद हटाना भी पड़ता है।
कोट.
आईजीएमसी में हाई एंड टेक लैब के लिए दूसरे चरण में टेंडर लगेगा। टेंडर के बाद मशीन स्थापित हो जाएगी। इसकी सुविधा सीधे तौर पर मरीजों को मिलेगी। मशीनें स्वचालित होंगी और 24 घंटे टेस्ट सुविधा के लिए उपलब्ध होंगी।
-डॉ. सीता ठाकुर, प्राचार्य, आईजीएमसी शिमला
लैब में ऑटोमेटिक होगी सभी प्रकार की मशीनरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना के बाद दूसरे चरण में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अत्याधुनिक हाई एंड लैब की सुविधा मिलेगी। इससे सीधे तौर पर मरीजों को बेहतर सुविधा मिल जाएगी। अस्पताल की सरकारी लैब में 24 घंटे टेस्ट होंगे।
चमियाना अस्पताल में मशीन स्थापित होने के बाद आईजीएमसी में मशीनरी लगाने के लिए टेंडर किए जाएंगे। यह टेंडर मेडिकल कॉर्पोरेशन की ओर से किए जाएंगे। इस पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मशीनें लगने के बाद आईजीएमसी में कार्य सुगम हो जाएगा। खास बात यह है कि मशीनरी पूरी तरह से हाई एंड टेक होगी और स्वचालित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे में अस्पताल में सैंपल लेने में भी तेजी आ जाएगी। इसके साथ सैंपलों की प्रोसेसिंग में भी अधिक समय व्यर्थ नहीं होगा। सैंपल जांच के बाद रिपोर्ट के लिए मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। मरीजों को रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिल जाएगी। ऑन स्क्रीन रिपोर्ट जनरेट होने से रिपोर्ट को चिकित्सक ऑनलाइन भी देख कर स्टडी कर सकेंगे, इससे समय बचेगा। लैब के स्थापित होने के बाद मरीजों की परेशानी और समय दोनों बचेगा। हाई एंड लैब के अस्पतालों में स्थापित होने के बाद अस्पतालों की रक्त सैंपल जांच करने वाली लैब में भीड़ खत्म हो जाएगी।
कमांड पर काम करेगी मशीन
हाई एंड लैब में मशीनें कमांड पर कार्य करेंगी। यानी सैंपल लेने के बाद प्रोसेसिंग के लिए कमांड देनी होगी। इसके बाद जिस चीज का पता लगाने के लिए सैंपल जांचा जाना है वह स्वयं टेस्ट करने के बाद वायल भी स्वयं ही नष्ट हो जाएगी। अभी तक लगाई गईं मशीनों में सैंपल को स्वयं प्रोसेसिंग के लिए रखना पड़ता है। इसके बाद सैंपल जांच के बाद हटाना भी पड़ता है।
कोट.
आईजीएमसी में हाई एंड टेक लैब के लिए दूसरे चरण में टेंडर लगेगा। टेंडर के बाद मशीन स्थापित हो जाएगी। इसकी सुविधा सीधे तौर पर मरीजों को मिलेगी। मशीनें स्वचालित होंगी और 24 घंटे टेस्ट सुविधा के लिए उपलब्ध होंगी।
-डॉ. सीता ठाकुर, प्राचार्य, आईजीएमसी शिमला