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पीटीए फंड का हो रहा दुरुपयोग : एसएफआई
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अतिरिक्त शिक्षा निदेशक को सौंपा ज्ञापन
पैसा खर्च करने को लेकर जारी करें स्पष्ट निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एसएफआई की जिला कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सुनीता सिंह से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक को पीटीए फंड के खर्च की जांच करवाने की मांग की।
एसएफआई ने आरोप लगाया कि पेरेंट्स-टीचर्स एसोसिएशन (पीटीए) निधि का राज्य के विभिन्न कॉलेजों में दुरुपयोग हो रहा है। जिला सचिव पवन कुमार ने दावा किया कि राजकीय उत्कृष्टता महाविद्यालय संजौली में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के दौरान पीटीए निधि के नाम पर 19 लाख रुपये से अधिक एकत्रित हुए। इस राशि को भवनों के नवीनीकरण, मरम्मत और एक संगीतमय गीत तैयार करने पर खर्च किया गया। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा में छात्रों से 21 लाख रुपये से अधिक की राशि ली गई। विद्यालय ने इसे कहां खर्च किया प्रशासन ने सूचना के अधिकार के तहत इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। एसएफआई नेताओं ने कहा कि कॉलेज पीटीए के नाम एकत्रित हो रहे फंड को कहीं और ही खर्च कर रहे हैं।
एसएफआई ने अतिरिक्त निदेशक से मांग की कि निदेशालय पीटीए निधि के उचित उपयोग के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करें। संगठन ने पीटीए निधि के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक समिति गठित करने को कहा। उन्होंने पूरे हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में पीटीए निधि की न्यूनतम व अधिकतम सीमा निर्धारित करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, पीटीए निधि के उपयोग के लिए स्पष्ट नियम परिभाषित करने और मौजूदा प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की बात कही गई। एसएफआई शिमला जिला सचिव पवन कुमार ने कहा कि निदेशक ने मांगों पर संज्ञान लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन द्वारा सख्ती न दिखाने पर जुलाई के पहले सप्ताह से राज्यव्यापी प्रदर्शन शुरू होगा।
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पैसा खर्च करने को लेकर जारी करें स्पष्ट निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एसएफआई की जिला कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सुनीता सिंह से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक को पीटीए फंड के खर्च की जांच करवाने की मांग की।
एसएफआई ने आरोप लगाया कि पेरेंट्स-टीचर्स एसोसिएशन (पीटीए) निधि का राज्य के विभिन्न कॉलेजों में दुरुपयोग हो रहा है। जिला सचिव पवन कुमार ने दावा किया कि राजकीय उत्कृष्टता महाविद्यालय संजौली में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के दौरान पीटीए निधि के नाम पर 19 लाख रुपये से अधिक एकत्रित हुए। इस राशि को भवनों के नवीनीकरण, मरम्मत और एक संगीतमय गीत तैयार करने पर खर्च किया गया। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा में छात्रों से 21 लाख रुपये से अधिक की राशि ली गई। विद्यालय ने इसे कहां खर्च किया प्रशासन ने सूचना के अधिकार के तहत इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। एसएफआई नेताओं ने कहा कि कॉलेज पीटीए के नाम एकत्रित हो रहे फंड को कहीं और ही खर्च कर रहे हैं।
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एसएफआई ने अतिरिक्त निदेशक से मांग की कि निदेशालय पीटीए निधि के उचित उपयोग के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करें। संगठन ने पीटीए निधि के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक समिति गठित करने को कहा। उन्होंने पूरे हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में पीटीए निधि की न्यूनतम व अधिकतम सीमा निर्धारित करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, पीटीए निधि के उपयोग के लिए स्पष्ट नियम परिभाषित करने और मौजूदा प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की बात कही गई। एसएफआई शिमला जिला सचिव पवन कुमार ने कहा कि निदेशक ने मांगों पर संज्ञान लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन द्वारा सख्ती न दिखाने पर जुलाई के पहले सप्ताह से राज्यव्यापी प्रदर्शन शुरू होगा।