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Shimla News: राजधानी के 400 भवन मालिकों को नोटिस, जवाब देने का आखिरी मौका

Mon, 27 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 11:59 PM IST
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Notices issued to 400 building owners in the capital; final opportunity to respond.
घरों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने का मामला, नगर निगम ने सर्वे पूरा करने बाद कसा शिकंजा
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सुप्रीम कोर्ट में नगर निगम पेश करेगा रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। रिहायशी क्षेत्रों में बने भवनों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे 400 से अधिक भवन मालिकों को नगर निगम ने अंतिम मौका दिया है। निगम की ओर से जारी नोटिस का यदि दो दिन के भीतर जवाब नहीं दिया गया तो इन पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

नगर निगम अब इन भवन मालिकों की अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है। चार अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान नगर निगम शिमला की ओर से इन भवनों से संबंधित रिपोर्ट पेश की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के नगर निगमों को अपने-अपने क्षेत्रों में रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे भवन मालिकों की सूची पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद नगर निगम ने ऐसे भवनों की पहचान के लिए चार टीमें गठित कर 17 जुलाई से सर्वे शुरू किया था। सर्वे के दौरान शहर के चिह्नित रिहायशी क्षेत्रों में जाकर उन भवनों की पहचान की गई, जहां दुकानें, ढाबे, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। नगर निगम ने ऐसे सभी भवन मालिकों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। जवाब में भवन मालिकों को भवन के नक्शे के साथ यह बताना होगा कि किस अनुमति के आधार पर व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। सोमवार को भी कई भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए। अब सर्वे पूरा हो चुका है। कई लोगों ने नोटिस का जवाब भी दे दिया है। इसमें जिन भवन मालिकों ने अभी तक जवाब नहीं दिया है, उनके पास अंतिम मौका है। अगले एक-दो दिन में जवाब नहीं मिलने पर उनके नाम सूची में शामिल कर सुप्रीम कोर्ट में पेश किए जाएंगे।
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बंद करनी पड़ सकती हैं दुकानें
नगर निगम के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी क्षेत्रों में बने भवनों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने के मामलों में सख्ती के निर्देश दिए हैं। ऐसे भवन मालिकों को अपनी दुकानें, ढाबे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बंद करनी पड़ सकती हैं। इस मामले में आगामी कार्रवाई नगर निगम को ही करनी है। हालांकि अभी सभी की नजरें चार अगस्त को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। नगर निगम के वास्तुकार राजेश शर्मा ने कहा कि सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। चार सौ से अधिक भवनों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब इनके जवाब के आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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