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Shimla News: किन्नौर में प्री-इंजीनियर्ड तकनीक अब से बनेंगे स्कूलों के छात्रावास

Sat, 01 Aug 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:59 PM IST
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Pre-engineered technology in Kinnaur: School hostels to be built using this method from now on.
आरटीडीसी करेगा तीन स्कूलों के छात्रावासों का निर्माण, केंद्र के जनजातीय कार्य मंत्रालय से मिले पौने तीन करोड़ रुपये मंजूर
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पूह, रारंग और कानम स्कूलों में होगा छात्रावासों का निर्माण

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जनजातीय जिला किन्नौर के तीन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए पौने तीन करोड़ रुपये की लागत से अगले एक वर्ष के भीतर छात्रावासों का निर्माण होगा। इन छात्रावासों का निर्माण रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आरटीडीसी) करेगा।

केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से जारी बजट से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रारंग, पूह और कानम में छात्रावास बनेंगे। इन भवनों का निर्माण प्री-इंजीनियर्ड तकनीक से किया जाएगा। आरटीडीसी के अधिकारियों, इस तकनीक में दक्ष इंजीनियरों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हाल ही में तीनों विद्यालयों का दौरा कर निर्माण स्थल और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद आरटीडीसी ने परियोजनाओं की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत निर्माण कार्य के लिए टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं।
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आमतौर पर प्री-इंजीनियर्ड तकनीक से आठ से नौ माह में भवन तैयार हो जाते हैं। हालांकि जनजातीय जिला किन्नौर में बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए निर्माण कार्य पूरा होने में करीब एक वर्ष या उससे अधिक समय लग सकता है। इन तीनों छात्रावासों के निर्माण के बाद दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी जिससे उन्हें पढ़ाई में काफी सहूलियत मिलेगी। लक्ष्य है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा होने पर आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को इन छात्रावासों का लाभ मिल सके। प्री-इंजीनियर्ड एक आधुनिक निर्माण प्रणाली है जिसमें भवन के मुख्य हिस्से जैसे कॉलम, बीम और छत कारखाने में तैयार किए जाते हैं। इसके बाद उन्हें निर्माण स्थल पर लाकर बोल्ट की मदद से जोड़ा जाता है। इससे निर्माण कार्य जहां जल्द होता है वहीं इसकी पकड़ भी मजबूत मानी जाती है।
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आरटीडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अजय आनंद ने पुष्टि की कि तीनों विद्यालयों के छात्रावासों का निर्माण प्री-इंजियर्ड तकनीक से आरटीडीसी ही करेगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले कॉरपोरेशन की टीम तीनों विद्यालयों का निरीक्षण कर चुकी है। यदि मौसम अनुकूल रहा, तो करीब एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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