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द्रौपदी मुर्मू: लेखा परीक्षा का प्राथमिक उद्देश्य त्रुटियां खोजने के बजाय प्रक्रियाओं और नीतियों में सुधार हो

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 19 Apr 2023 06:27 PM IST
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सार

 लेखा परीक्षा के इस सर्वोच्च संस्थान की भूमिका केवल निरीक्षण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण में आवश्यक सहयोग देना भी है। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारियों को देश के नागरिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए अपने कार्य में निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए। 

President Draupadi Murmu said The primary objective of audit is to improve procedures and policies rather than
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। - फोटो : ANI
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विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि लेखा परीक्षा का प्राथमिक उद्देश्य त्रुटियां खोजने के बजाय प्रक्रियाओं और नीतियों में सुधार होना चाहिए। इसलिए लेखा जांच की सिफारिशों को स्पष्टता और दृढ़ निश्चय के साथ संप्रेषित करना आवश्यक है, जिससे नागरिकों को अधिकतम लाभ देने के दृष्टिगत सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए इनका उपयोग किया जा सके। लेखा परीक्षा के इस सर्वोच्च संस्थान की भूमिका केवल निरीक्षण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण में आवश्यक सहयोग देना भी है। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारियों को देश के नागरिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए अपने कार्य में निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने बुधवार को राष्ट्रीय लेखा परीक्षा तथा लेखा अकादमी शिमला की ओर से आयोजित भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। अधिकारियों से आह्वान किया कि संविधान के आदर्शों को बनाए रखते हुए वे राष्ट्र निर्माण में पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता से कार्य करें।

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कहा कि वित्तीय एकरूपता एवं जवाबदेही तथा सरकार के विभिन्न अंगों की ओर से सार्वजनिक संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने में भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा की देश भर में व्यापक पहचान है। ये अधिकारी केंद्र और राज्य सरकारों में लेखा और लेखा जांच सुझावों के रूप में बहुमूल्य सहयोग देते हैं। राष्ट्रपति ने आह्वान किया कि प्रशिक्षु अधिकारी अपने कार्य और व्यक्तिगत दोनों क्षेत्रों में उच्च स्तर की निष्ठा और ज्ञान का समुचित उपयोग सुनिश्चित करें। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मिनिस्टर इन वेटिंग शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर भी उपस्थित रहे। इससे पहले उप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक परवीन मेहता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया और प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में अवगत करवाया। महानिदेशक लेखा परीक्षा एवं लेखा मनीष कुमार ने राज्यपाल एवं शिक्षा मंत्री को सम्मानित किया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान के अपने अनुभव भी साझा किए। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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