HP monsoon Season: क्यूआरटी और आपदा प्रबंधन टीमें 24 घंटे हाई अलर्ट पर, पीएचक्यू ने जारी किए निर्देश
पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने, कानून व्यवस्था बनाए रखने और जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने, कानून व्यवस्था बनाए रखने और जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत जिला स्तर पर गठित क्विक रिएक्शन टीमें (क्यूआरटी) और आपदा प्रबंधन इकाइयों को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रखा जाएगा।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अपने-अपने क्षेत्रों में बहने वाली नदियों, खड्डों, झरनों और भूस्खलन संभावित स्थलों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति, विशेष रूप से पर्यटक, तेज बहाव वाले नदी-नालों के किनारे रील बनाने, फोटोग्राफी करने या स्टंट करने के लिए न पहुंचे। एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को गृह रक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल तथा स्थानीय गोताखोरों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखना होगा।
सड़क बंद होने, बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने या अन्य आपात स्थितियों में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के साथ-साथ प्रत्येक घटना की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचाना भी अनिवार्य किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने मानसून के दौरान नियमों की अनदेखी कर हुड़दंग, स्टंटबाजी या खतरनाक स्थानों पर वीडियो और रील बनाने वाले पर्यटकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिला पुलिस इकाइयों को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सामुदायिक समूहों के माध्यम से मौसम की चेतावनी, सड़क बंद होने, यातायात व्यवस्था और वैकल्पिक मार्गों की नियमित जानकारी साझा करने के लिए भी कहा गया है, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों तक समय रहते सही सूचना पहुंच सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने बताया कि मानसून के दौरान समय पर सूचना, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया से प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से सभी जिलों को लगातार सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं मानवबल को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा के दौरान किसी भी नेटवर्क से कर सकेंगे फोन
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के दौरान आम लोगों को फोन करने या अपने परिजनों की खैर खबर लेने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। फोन में नेटवर्क नहीं मिलने पर किसी भी दूरसंचार नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए दूरसंचार विभाग उन्हें इंट्रा सर्कल रोमिंग (आईसीआर) सुविधा प्रदान करेगा। आपदा के दौरान मोबाइल उपयोगकर्ता डिवाइस सेटिंग्स से मैन्युअल रूप से नेटवर्क का चयन कर सकते हैं। वे उपलब्ध नेटवर्क से किसी भी दूरसंचार ऑपरेटर के मोबाइल नेटवर्क का चयन कर सकेंगे। इस तरह से उपयोगकर्ता अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़ेंगे, जिसका कवरेज उपलब्ध है। इससे उन्हें मोबाइल कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इस सुविधा का एक फायदा यह है कि एक मोबाइल उपयोगकर्ता प्रभावित क्षेत्रों में अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क से कॉल कर सकते हैं।