{"_id":"6a745f96fea785995102ab0f","slug":"rajendra-rana-targets-cm-sukhu-over-debt-governance-and-political-vendetta-in-himachal-2026-08-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"BJP Attack: सीएम सुक्खू पर राजेंद्र राणा का हमला, आर्थिक प्रबंधन और राजनीतिक प्रतिशोध को लेकर लगाए गंभीर आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
BJP Attack: सीएम सुक्खू पर राजेंद्र राणा का हमला, आर्थिक प्रबंधन और राजनीतिक प्रतिशोध को लेकर लगाए गंभीर आरोप
Thu, 06 Aug 2026 03:49 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 06 Aug 2026 03:49 PM IST
सार
भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन, बढ़ते कर्ज, राजनीतिक नियुक्तियों और कथित राजनीतिक प्रतिशोध को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों में विफल रही है। समाचार लिखे जाने तक मुख्यमंत्री कार्यालय या कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
विज्ञापन
शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता राजेंद्र राणा।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने गुरुवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, राजनीतिक नियुक्तियों और विपक्ष के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर सरकार पर कई आरोप लगाए।
राजेंद्र राणा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुक्खू को प्रदेश के इतिहास में ऐसे पांच "खिताब" मिले हैं, जिनमें सबसे अधिक कर्ज लेने, सबसे अधिक झूठ बोलने, राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति करने, मित्रों को लाभ पहुंचाने और उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री होने जैसे आरोप शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये आरोप जनता के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक सरकार की बजाय "मित्रों का सिंडिकेट" काम कर रहा है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय के आसपास कुछ ऐसे लोगों का प्रभाव है, जिनके पास कोई संवैधानिक या प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, लेकिन निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका दिखाई देती है।
विज्ञापन
राजनीतिक नियुक्तियों पर उठाए सवाल
राणा ने कहा कि सरकार विकास कार्यों की बजाय बड़ी संख्या में ओएसडी, सलाहकारों और अन्य राजनीतिक नियुक्तियों पर सरकारी धन खर्च कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले राजनीतिक नियुक्तियां सीमित होती थीं, जबकि वर्तमान सरकार में इनकी संख्या अधिक है।
कर्ज और विकास कार्यों को लेकर सरकार पर निशाना
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर का कर्ज लिया गया है, लेकिन इसके अनुरूप विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि सड़कों की स्थिति खराब है, कई पुल क्षतिग्रस्त हैं और हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े वित्तीय मामलों का समय पर समाधान नहीं हो रहा है तथा सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है।
विज्ञापन
राजेंद्र राणा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सुक्खू को प्रदेश के इतिहास में ऐसे पांच "खिताब" मिले हैं, जिनमें सबसे अधिक कर्ज लेने, सबसे अधिक झूठ बोलने, राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति करने, मित्रों को लाभ पहुंचाने और उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री होने जैसे आरोप शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये आरोप जनता के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक सरकार की बजाय "मित्रों का सिंडिकेट" काम कर रहा है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय के आसपास कुछ ऐसे लोगों का प्रभाव है, जिनके पास कोई संवैधानिक या प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, लेकिन निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका दिखाई देती है।
विज्ञापन
राजनीतिक नियुक्तियों पर उठाए सवाल
राणा ने कहा कि सरकार विकास कार्यों की बजाय बड़ी संख्या में ओएसडी, सलाहकारों और अन्य राजनीतिक नियुक्तियों पर सरकारी धन खर्च कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले राजनीतिक नियुक्तियां सीमित होती थीं, जबकि वर्तमान सरकार में इनकी संख्या अधिक है।
कर्ज और विकास कार्यों को लेकर सरकार पर निशाना
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर का कर्ज लिया गया है, लेकिन इसके अनुरूप विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि सड़कों की स्थिति खराब है, कई पुल क्षतिग्रस्त हैं और हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े वित्तीय मामलों का समय पर समाधान नहीं हो रहा है तथा सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है।
पर्यटन संपत्तियों और कानून व्यवस्था पर भी सवाल
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि सरकार लाभ अर्जित करने वाली कुछ सरकारी परिसंपत्तियों को निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी कोई योजना है तो सरकार उसे सार्वजनिक करे।
उन्होंने विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि यदि सरकार के पास किसी भी आरोप के समर्थन में साक्ष्य हैं तो उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
2027 चुनाव का किया जिक्र
राणा ने कहा कि हाल के पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में जनता ने सरकार के प्रति अपनी नाराजगी दिखाई है। उनका दावा था कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाएगी।