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Shimla News: पेयजल लाइनें बिछाने के लिए उखाड़े रास्तों पर सीमेंट से लीपापोती, गायब कर दीं टाइलें
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शहर के आठ से ज्यादा वार्डाें में चल रहा नई पेयजल लाइनें बिछाने का काम, पार्षद उठा रहे सवाल
निगम ने कंपनी को दिए थे तुरंत मरम्मत के निर्देश, कंपनी ने सीमेंट से मरम्मत तो की लेकिन नहीं लगाई उखाड़ी गईं टाइलें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में 24 घंटे पेयजल योजना के काम के लिए कंपनी ने रास्तों, सीढ़ियों की खोदाई तो कर दी, लेकिन अब मरम्मत के नाम पर महज सीमेंट से लीपापोती की जा रही है। नगर निगम के रास्तों पर सीढ़ियों पर लगी टाइलें गायब हैं। इस पर अब पार्षदों ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के आठ से ज्यादा वार्डों में 24 घंटे पेयजल योजना का काम चल रहा है। इसके तहत रिहायशी इलाकों में नई पेयजल लाइनें बिछाने के लिए सड़कों के साथ सीढ़ियों और रास्तों की भी खोदाई की जा रही है। नगर निगम ने कंपनी को निर्देश दिए हैं कि जिन रास्तों और सड़कों की खोदाई की जाएगी, वहां काम के बाद उनकी मरम्मत भी करनी होगी। यदि रास्तों और सीढ़ियों पर टाइलें लगी हैं तो कंपनी को काम के बाद दोबारा टाइलें ही लगानी पड़ेंगी।
उधर, पेयजल कंपनी ने लाइनें बिछाने के बाद रास्तों और सीढ़ियों की मरम्मत तो की है लेकिन टाइलें नहीं लगाई जा रही हैं। यही नहीं, टाइलें लगाने के लिए जगह तक नहीं छोड़ी है। यदि अब दोबारा इनमें टाइलें लगानी हों तो फिर से सीमेंट की यह सीढ़ियां तोड़नी पड़ेंगी। लोगों का कहना है कि पैदल रास्तों पर टाइलें लगाई जानी चाहिए। पार्षदों का कहना है कि सदन में लिए गए फैसले के अनुसार कंपनी काम नहीं कर रही है। अपर ढली पार्षद कमलेश मेहता के अनुसार उनके वार्ड में भी मरम्मत कार्य नियमानुसार नहीं हुए हैं।
इन वार्डों में चल रहा है काम
शहर के जाखू, अपर ढली, मशोबरा, इंजनघर, कच्चीघाटी, समरहिल, बालूगंज, शांति विहार समेत आठ से ज्यादा वार्डों में नई पेयजल लाइनें बिछाने का काम चल रहा है। इसके बाद अगस्त से पंथाघाटी और कसुम्पटी क्षेत्र में भी यह काम शुरू होना है। न्यू शिमला में भी जल्द नई लाइनें बिछाई जानी हैं। हालांकि, इससे पहले ही अन्य वार्डों में चल रहे काम पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार नगर निगम सदन में भी पार्षद कंपनी को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि कंपनी को पहले की तरह ही रास्ते दुरुस्त करने होंगे। इस बारे में कंपनी से जवाब लिया जाएगा।
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शहर के आठ से ज्यादा वार्डाें में चल रहा नई पेयजल लाइनें बिछाने का काम, पार्षद उठा रहे सवाल
निगम ने कंपनी को दिए थे तुरंत मरम्मत के निर्देश, कंपनी ने सीमेंट से मरम्मत तो की लेकिन नहीं लगाई उखाड़ी गईं टाइलें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में 24 घंटे पेयजल योजना के काम के लिए कंपनी ने रास्तों, सीढ़ियों की खोदाई तो कर दी, लेकिन अब मरम्मत के नाम पर महज सीमेंट से लीपापोती की जा रही है। नगर निगम के रास्तों पर सीढ़ियों पर लगी टाइलें गायब हैं। इस पर अब पार्षदों ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के आठ से ज्यादा वार्डों में 24 घंटे पेयजल योजना का काम चल रहा है। इसके तहत रिहायशी इलाकों में नई पेयजल लाइनें बिछाने के लिए सड़कों के साथ सीढ़ियों और रास्तों की भी खोदाई की जा रही है। नगर निगम ने कंपनी को निर्देश दिए हैं कि जिन रास्तों और सड़कों की खोदाई की जाएगी, वहां काम के बाद उनकी मरम्मत भी करनी होगी। यदि रास्तों और सीढ़ियों पर टाइलें लगी हैं तो कंपनी को काम के बाद दोबारा टाइलें ही लगानी पड़ेंगी।
उधर, पेयजल कंपनी ने लाइनें बिछाने के बाद रास्तों और सीढ़ियों की मरम्मत तो की है लेकिन टाइलें नहीं लगाई जा रही हैं। यही नहीं, टाइलें लगाने के लिए जगह तक नहीं छोड़ी है। यदि अब दोबारा इनमें टाइलें लगानी हों तो फिर से सीमेंट की यह सीढ़ियां तोड़नी पड़ेंगी। लोगों का कहना है कि पैदल रास्तों पर टाइलें लगाई जानी चाहिए। पार्षदों का कहना है कि सदन में लिए गए फैसले के अनुसार कंपनी काम नहीं कर रही है। अपर ढली पार्षद कमलेश मेहता के अनुसार उनके वार्ड में भी मरम्मत कार्य नियमानुसार नहीं हुए हैं।
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इन वार्डों में चल रहा है काम
शहर के जाखू, अपर ढली, मशोबरा, इंजनघर, कच्चीघाटी, समरहिल, बालूगंज, शांति विहार समेत आठ से ज्यादा वार्डों में नई पेयजल लाइनें बिछाने का काम चल रहा है। इसके बाद अगस्त से पंथाघाटी और कसुम्पटी क्षेत्र में भी यह काम शुरू होना है। न्यू शिमला में भी जल्द नई लाइनें बिछाई जानी हैं। हालांकि, इससे पहले ही अन्य वार्डों में चल रहे काम पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार नगर निगम सदन में भी पार्षद कंपनी को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि कंपनी को पहले की तरह ही रास्ते दुरुस्त करने होंगे। इस बारे में कंपनी से जवाब लिया जाएगा।
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