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Shimla News: अस्पतालों में बंद हो आउटसोर्स नर्सों की भर्ती
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आईजीएमसी नर्सिंग संघ ने स्वास्थ्य सचिव को बताईं समस्याएं
साल में एक बार होने वाली नर्साें की ट्रेनिंग पर भी की चर्चा
नर्सों की प्रमोशन के बारे में भी बताया
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) समेत प्रदेशभर के अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की निजी कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स पर हो रही भर्ती का विरोध किया जा रहा है। संघ का कहना है कि इस प्रकार से नर्साें की भर्ती को बंद किया जाए। इस भर्ती को स्थायी तौर पर करने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार के समक्ष आईजीएमसी नर्सिंग संघ ने मांग रखी है। नर्सिंग संघ के साथ बैठक के दौरान अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया ताकि उन्हें समयानुसार हल किया जा सके। संघ ने कई समस्याओं को स्वास्थ्य सचिव के सामने रखा। संघ की अध्यक्ष शीतल श्रीवास्तव, ममता भारद्वाज, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट राधा चौहान, आराधना शर्मा, रीटा कश्यप ने ज्ञापन भी सौंपा। आईजीएमसी स्टाफ के साथ स्वास्थ्य सचिव की बैठक देर शाम तक चली। बताया कि आउटसोर्स पर भर्ती प्रक्रिया गलत है। बीएसी, एमएससी करने के बाद अस्पतालों में आउटसोर्स पर रखा जा रहा है। इन्हें वेतन भी मात्र 12000 रुपये मिल रहा है। महंगाई के दौर में 12000 में कुछ नहीं बन पा रहा है। ऐसे में आउटसोर्स नर्सों का वेतन बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा संघ ने नर्सों की साल में एक बार होने वाली ट्रेनिंग को लगातार करवाने का भी आग्रह किया ताकि किसी भी प्रकार से प्रमोशन में कोई फर्क न पड़ सके। साथ ही नर्सिंग प्रशिक्षण की समस्या अवधि को घटाने की भी संघ ने मांग रखी।
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साल में एक बार होने वाली नर्साें की ट्रेनिंग पर भी की चर्चा
नर्सों की प्रमोशन के बारे में भी बताया
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) समेत प्रदेशभर के अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की निजी कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स पर हो रही भर्ती का विरोध किया जा रहा है। संघ का कहना है कि इस प्रकार से नर्साें की भर्ती को बंद किया जाए। इस भर्ती को स्थायी तौर पर करने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार के समक्ष आईजीएमसी नर्सिंग संघ ने मांग रखी है। नर्सिंग संघ के साथ बैठक के दौरान अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया ताकि उन्हें समयानुसार हल किया जा सके। संघ ने कई समस्याओं को स्वास्थ्य सचिव के सामने रखा। संघ की अध्यक्ष शीतल श्रीवास्तव, ममता भारद्वाज, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट राधा चौहान, आराधना शर्मा, रीटा कश्यप ने ज्ञापन भी सौंपा। आईजीएमसी स्टाफ के साथ स्वास्थ्य सचिव की बैठक देर शाम तक चली। बताया कि आउटसोर्स पर भर्ती प्रक्रिया गलत है। बीएसी, एमएससी करने के बाद अस्पतालों में आउटसोर्स पर रखा जा रहा है। इन्हें वेतन भी मात्र 12000 रुपये मिल रहा है। महंगाई के दौर में 12000 में कुछ नहीं बन पा रहा है। ऐसे में आउटसोर्स नर्सों का वेतन बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा संघ ने नर्सों की साल में एक बार होने वाली ट्रेनिंग को लगातार करवाने का भी आग्रह किया ताकि किसी भी प्रकार से प्रमोशन में कोई फर्क न पड़ सके। साथ ही नर्सिंग प्रशिक्षण की समस्या अवधि को घटाने की भी संघ ने मांग रखी।
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