सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Shimla police said they could not produce any valid arrest documents high-voltage drama

हिमाचल प्रदेश: सुबह 6 बजे आरोपियों को लेकर रवाना हुई दिल्ली पुलिस, पूरी रात चला हाई वोल्टेज ड्रामा; जानें

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 26 Feb 2026 09:57 AM IST
विज्ञापन
सार

Delhi Police Vs Himachal Police: हिमाचल प्रदेश में युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद हाई वोल्टेज ड्रामा आधी रात तक जारी रहा। जानें विस्तार से...

Shimla police said they could not produce any valid arrest documents high-voltage drama
शोघी में रोकी दिल्ली पुलिस की टीम - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार

राजधानी शिमला में हिमाचल और दिल्ली पुलिस के बीच बुधवार सुबह शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा देर रात तक जारी रहा। नई दिल्ली में एआई समिट के दौरान प्रदर्शन में संलिप्त होने के आरोपी युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने तड़के चिड़गांव से गिरफ्तार किया। इसके बाद जब तीनों को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले जा रही थी तो दोपहर के समय दिल्ली पुलिस के करीब 20 अफसरों और कर्मचारियों को शिमला पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें चक्कर कोर्ट लेकर पहुंची शिमला पुलिस ने शाम करीब 7:30 बजे छोड़ दिया। सभी को लगा कि विवाद खत्म हो गया है।
Trending Videos

 

इसी बीच, करीब 8:00 बजे दिल्ली पुलिस की टीम तीनों युवकों को लेकर अभी शोघी बैरियर पर ही पहुंची थी कि शिमला पुलिस ने नाकाबंदी कर फिर इन्हें रोक दिया। गाड़ी से दिल्ली पुलिस का अधिकारी बाहर निकला और मौके पर मौजूद शिमला पुलिस के कर्मचारियों से पूछा कि गाड़ी क्यों रोकी गई। इसके बाद शिमला पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। वहीं, वाहनों की आवाजाही रुकने से शोघी में जाम लग गया।
 

शिमला पुलिस के आईपीएस अधिकारी अभिषेक ने दिल्ली पुलिस के अधिकारी से कहा कि अभी आप पर एक एफआईआर दर्ज हुई है, आप सहयोग कर रहे हैं कि नहीं, आपने तीन लोगों को अगवा किया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने कहा कि मैं जांच में सहयोग करने को तैयार हूं। अभिषेक ने उक्त अधिकारी को एफआईआर की कॉपी दिखाई। इस पर दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने कहा- आपने रात 8:11 बजे एफआईआर दर्ज की है। हम सुबह 8:00 बजे उनको वहां से लेकर आए। आप मेरी फाइल देखिए। आप मुझे आरोपियों को कोर्ट में पेश करने से रोक रहे हैं। मेरे पास कोर्ट में पेश करने का 24 घंटे का समय है। आप कानून जानते हैं।

इस पर अभिषेक ने पूछा-आपने ट्रांजिट रिमांड क्यों नहीं लिया। दिल्ली पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एफआईआर नंबर 19/26 उनके पास है। 20 तारीख को एफआईआर दर्ज हुई है। उसमें पहले ही नौ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। उनके रिमांड आ चुके हैं। तीन को आज गिरफ्तार किया है, लेकिन आप उन्हें ले जाने से रोक रहे हो। शिमला पुलिस के अधिकारी ने कहा कि-आपके पास इसका कोई वैध दस्तावेज नहीं था। दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने पूछा, क्या आपने मेरा अरेस्ट वारंट देखा है। अभिषेक ने कहा कि आप कैमरे बंद करें और जांच में सहयोग करें। काफी देर की बहस के बाद दिल्ली पुलिस की टीम को साथ लगती पुलिस चेक पोस्ट में ले जाया गया।

छावनी में तबदील हुआ शोघी क्षेत्र, पुलिस तैनात
शोघी क्षेत्र देर रात ही छावनी में तबदील हो गया है। रात 8:00 बजे के बाद शोघी बैरियर से लेकर बाजार तक अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है। आमतौर पर शोघी बैरियर के पास बनी चेकपोस्ट पर पुलिस के दो से चार जवान जांच के लिए तैनात रहते हैं। बुधवार देर रात इस क्षेत्र में 60 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात कर दिए गए हैं।
 

पुलिस पोस्ट में बिठाया, चाय पिलाई स्नैक्स भी खिलाए
बहस के बाद देर रात 9:30 बजे शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस की टीम को यहां बनी पुलिस चेक पोस्ट में बिठाया। कुछ देर बाद इनके लिए यहां चाय और स्नैक्स का इंतजाम किया गया। मामला शांत होता दिखा और दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के अधिकारी आराम से बैठकर आपस में बातचीत करते नजर आए। रात 10:35 बजे शिमला पुलिस की टीम दिल्ली टीम को अपने साथ लेकर शोघी से शिमला के लिए रवाना हुई। दिल्ली पुलिस की टीम न सिर्फ तीन युवकों को अपने साथ ले जा रही थी, बल्कि इनकी एक अप्लाइड फॉर थार गाड़ी भी लेकर जा रही थी। देर रात यह गाड़ी भी शोघी चेक पोस्ट पर खड़ी की गई।

बता दें कि सुबह छह बजे दिल्ली पुलिस आरोपियों को लेकर रवाना हुई है। दिल्ली पुलिस ने शिमला पुलिस को सीजर मेमो, डीवीआर सौंपा और आरोपियों की थार को लेकर भी गई। पुलिस ने इस मामले में अरबाज खान, सौरभ सिंह और सिद्धार्थ अवधूत को गिरफ्तार किया है।

एआई शिखर सम्मेलन में प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस 435 किलोमीटर का सफर कर बुधवार सुबह चिड़गांव क्षेत्र तक पहुंच गई, लेकिन इसकी भनक सीआईडी से लेकर सरकार की दूसरी खुफिया एजेंसी तक को नहीं लगी। युवकों की गिरफ्तारी के बाद जब हल्ला पड़ा तो पुलिस ने मोर्चा संभाला। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर नाकेबंदी कर दिल्ली पुलिस की गाड़ियों को रोका गया। सवाल उठ रहे हैं कि यदि दिल्ली पुलिस की टीम युवकों को वाया त्यूनी होकर रवाना होती तो हिमाचल की खुफिया एजेंसियों और पुलिस को पता तक नहीं चलता। 

पुलिस के काम में दखल गलत
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पुलिस का इस तरीके से दिल्ली पुलिस के काम में दखलअंदाजी करना दुखद है। एआई इंपैक्ट समिट किसी पार्टी की नहीं, देश की छवि बनाने का काम कर रहा था।   यह बात भी पता चली है कि पुलिस के  हत्थे चढ़े तीनों आरोपी हिमाचल कांग्रेस के एक चुने हुए जन प्रतिनिधि की गाड़ी में सरकारी अमले के संरक्षण में शिमला लाए गए थे। सरकार के संरक्षण में ही उन्हें रोहड़ू भेज दिया जाता है और उनके सुख सुविधा का इंतजाम किया जाता है। 

गिरफ्तारी अलोकतांत्रिक : विनय
कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों पर किया गया हमला है। उन्होंने इस कार्रवाई को शर्मनाक, अलोकतांत्रिक और तानाशाही प्रवृत्ति का उदाहरण बताया। कहा कि युवा नेता को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार करना कि उसने शांतिपूर्वक अपनी बात रखी, यह साबित करता है कि मोदी सरकार युवा शक्ति, सच बोलने वालों और सरकार से सवाल पूछने वालों से घबराने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed