सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   Hospitality Less cold more warmth guest birds started returning from Asan Barrage Sirmour Himachal

मेहमानवाजी: ठंड कम, गर्माहट ज्यादा, आसन बैराज से लौटने लगे मेहमान परिंदे

सुरेश तोमर, पांवटा साहिब। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 26 Feb 2026 11:43 AM IST
विज्ञापन
सार

हिमाचल प्रदेश के आसन बैराज पहुंचे देसी-विदेशी परिंदे अब वापस लौट रहे हैं। मौसम में जल्दी गर्माहट शुरू होने पर मध्य फरवरी में ही मेहमान परिंदों ने अपने वतन लौटना शुरू कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर...

Hospitality Less cold more warmth guest birds started returning from Asan Barrage Sirmour Himachal
आसन बैराज में विदेश से पहुंचे प्रवासी पक्षी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज में पहुंचे देसी-विदेशी परिंदे वापस लौटने लगे हैं। ये परिंदे अक्तूबर से मार्च तक मौसम ठंडा रहने पर बैराज में डेरा जमाए रहते हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रजातियां कम पहुंचीं, लेकिन परिंदों की संंख्या 5,806 पहुंच गई। इसमें करीब 581 परिंदे अधिक हैं। हालांकि, इस बार मौसम में जल्दी गर्माहट शुरू होने पर मध्य फरवरी में ही मेहमान परिंदों ने अपने वतन लौटना शुरू कर दिया है।  आसन बैराज में 18 जनवरी 2026 को पक्षियों की गणना हुई थी। एशियन वाटर बर्ड सेंसस (एडब्ल्यूसी) में 126 प्रजातियों के 5,806 परिंदे आंके गए। इसमें पिछले साल की तुलना में 45 प्रजातियां कम हैं। अब प्रवासी परिंदों की कई प्रजातियों ने समय से पहले स्वदेश लौटना शुरू कर दिया है। इसकी वजह दिन और रात के तापमान में अंतर को माना जा रहा है।

Trending Videos

इस वर्ष सर्दियां कम पड़ीं और अभी से मौसम में गर्माहट दर्ज की जा रही है। इसके चलते पक्षियों की संख्या घटकर साढ़े चार हजार के करीब रह गई है। समय से पहले रुडी शेलडक, कामन कूट, गैडवाल की वापसी हो रही है। इस वर्ष  प्रवासी परिंदों में रुडी शेलडक यानी सुर्खाब की सर्वाधिक संख्या 983 आंकी गई थी। बार-हेडेड गूज, ग्रेलैग गूज, कामन पोचार्ड, फेरुगिनस डक, एशियन वूली-नेक्ड स्टार्क, पलास फिश ईगल आदि की संख्या भी अच्छी रही। पिछले साल की तुलना में साइटस पर परिंदों की संख्या पिछले साल के मुकाबले ज्यादा आंकी गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

वन दरोगा प्रदीप सक्सेना ने बताया कि वर्ष 2021 में 55 प्रजातियों के 4,497 परिंदे, वर्ष 2022 में 49 प्रजातियों के 5,680 परिंदे शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2023 में 42 प्रजातियों के 4,642 परिंदे, वर्ष 2024 में 141 प्रजातियों के 5,230 परिंदे, वर्ष 2025 में 171 प्रजातियों के 5,225 परिंदे और वर्ष 2026 में 126 प्रजातियों के 5,806 परिंदे आसन झील में पहुंचे।

सात संकटग्रस्त श्रेणी की प्रजातियां भी प्रवास पर पहुंचीं : प्रदीप सक्सेना
वन दारोगा प्रदीप सक्सेना ने बताया कि स्थानीय डीएफओ वैभव सिंह के निर्देश पर प्रवासी परिंदों की सुरक्षा के लिए वन टीम की दिन-रात गश्त जारी है। रुडी शेलडक, कामन कूट व गैडवाल प्रजातियों के परिंदों की संख्या में कमी आई है। खास बात यह है कि आसन बैराज में सात संकटग्रस्त श्रेणी की प्रजातियां भी प्रवास पर हैं। इसमें स्टेप ईगल, कॉमन पोचार्ड, फेरुगिनस डक, इजिप्शियन वल्चर, पलास फिश ईगल, एशियन वूली नेक्ड स्टार्क, रिवर लैपविंग शामिल हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed