{"_id":"6a6d87623628f0674207f3ef","slug":"shimla-sp-residence-special-audit-fund-diversion-probe-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal Police: कर्मचारियों के क्वार्टर और पुलिस चौकी का पैसा एसपी आवास पर खर्च करने के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal Police: कर्मचारियों के क्वार्टर और पुलिस चौकी का पैसा एसपी आवास पर खर्च करने के आरोप
Sat, 01 Aug 2026 11:13 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:13 AM IST
सार
शिमला के एसपी आवास पर वर्ष 2022 से 2025 के दौरान हुए मरम्मत कार्यों में 14.07 लाख रुपये के कथित फंड डायवर्जन और अनियमित खर्च के आरोपों की जांच होगी। डीजीपी अशोक तिवारी ने तीन सदस्यीय विशेष ऑडिट समिति गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने शिमला के एसपी आवास (साउथवुड) में वर्ष 2022 से 2025 के बीच हुए मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों पर खर्च की गई राशि की विशेष ऑडिट जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
विज्ञापन
डीजीपी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 14,07,392 रुपये के कथित अनधिकृत उपयोग और फंड डायवर्जन के आरोपों की जांच की जाएगी। यह कार्रवाई एसपी शिमला की ओर से 30 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र के आधार पर शुरू की गई है।
विज्ञापन
जांच के दायरे में जिला पुलिस शिमला के आवासीय मद से खर्च किए गए 11,57,392 रुपये और पुलिस चौकी शोघी के मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत 2.50 लाख रुपये शामिल हैं। आरोप है कि इन निधियों का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में किया गया।
विज्ञापन
जांच समिति की अध्यक्षता पुलिस मुख्यालय के उप नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) करेंगे। समिति में दक्षिणी रेंज शिमला के अनुभाग अधिकारी (एफएंडए) ललित शर्मा और पुलिस मुख्यालय की एस्टेट शाखा के कांस्टेबल विनय सदस्य होंगे। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट डीजीपी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता, फर्जी अभिलेख या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।