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Shimla News: संकष्टी चतुर्थी कल, भगवान गणेश की पूजा का है विधान
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शिमला। वैशाख विकट संकष्टी चतुर्थी का व्रत पांच अप्रैल को रखा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत का विधान है। इस दिन व्रत धारक पूजा करके चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करते हैं।
पंचांग के अनुसार संकष्टी व्रत की तिथि सुबह 11:59 बजे शुरू होगी और 6 अप्रैल को दोपहर 2:10 बजे समाप्त होगी।
इस दिन व्रत धारकों के लिए पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 6:41 से रात 10:58 बजे के बीच है और चंद्रमा को रात 9:21 बजे अर्घ्य दिया जाएगा। गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि विधि विधान से व्रत करने वालों को श्रीगणेश से संकटों के नाश का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन भगवान गणेश को द्रूवा और मोदक का भाेग लगाना फलदायी होता है। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देकर रात 10:11 बजे के बाद भक्त व्रत का पारण कर सकते हैं। संवाद
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पंचांग के अनुसार संकष्टी व्रत की तिथि सुबह 11:59 बजे शुरू होगी और 6 अप्रैल को दोपहर 2:10 बजे समाप्त होगी।
इस दिन व्रत धारकों के लिए पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 6:41 से रात 10:58 बजे के बीच है और चंद्रमा को रात 9:21 बजे अर्घ्य दिया जाएगा। गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि विधि विधान से व्रत करने वालों को श्रीगणेश से संकटों के नाश का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन भगवान गणेश को द्रूवा और मोदक का भाेग लगाना फलदायी होता है। इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देकर रात 10:11 बजे के बाद भक्त व्रत का पारण कर सकते हैं। संवाद
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