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सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा विवि : एबीवीपी
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लिफ्ट के निर्माण कार्य पर उठाए सवाल
सीढ़ियों की चौड़ाई घटाना सही नहीं : अक्षय
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के विधि विभाग में चल रहे लिफ्ट निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की एचपीयू इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है और इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बताया है। इकाई के अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा के लिए लिफ्ट का निर्माण किया जाना स्वागत योग्य कदम है लेकिन इसके लिए विभाग की मौजूदा सीढ़ियों को तोड़कर निर्माण करना लापरवाही है। प्रशासन ने पहले से बनीं सीढ़ियों को तोड़कर उनकी चौड़ाई काफी कम कर दी है जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही है। यह निर्माण कार्य भारतीय मानक ब्यूरो के जारी मानकीकृत विकास और भवन विनियम 2023 के निर्देशों के विपरीत है। नियमों के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों में सीढ़ियों की न्यूनतम चौड़ाई 1.5 मीटर निर्धारित की है ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षित और त्वरित निकासी सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने सीढ़ियों की चौड़ाई घटाकर लगभग एक मीटर तक कर दी है। ऐसी स्थिति में एक साथ दो लोगों का चलना मुश्किल हो गया है।
विधि विभाग विश्वविद्यालय के सबसे बड़े विभागों में शामिल है। यहां प्रतिदिन करीब 600 से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं और कक्षाओं के दौरान सीढ़ियों पर भारी आवाजाही रहती है। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि सार्वजनिक भवनों में सीढ़ियां आपातकालीन निकासी का मुख्य मार्ग होती हैं। एबीवीपी अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य की कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं किया तो विद्यार्थी परिषद इस मुद्दे को कैंपस में जोरदार तरीके से उठाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस मामले को माननीय उच्च न्यायालय में भी चुनौती दी जाएगी।
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सीढ़ियों की चौड़ाई घटाना सही नहीं : अक्षय
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के विधि विभाग में चल रहे लिफ्ट निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की एचपीयू इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है और इसे विद्यार्थियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बताया है। इकाई के अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा के लिए लिफ्ट का निर्माण किया जाना स्वागत योग्य कदम है लेकिन इसके लिए विभाग की मौजूदा सीढ़ियों को तोड़कर निर्माण करना लापरवाही है। प्रशासन ने पहले से बनीं सीढ़ियों को तोड़कर उनकी चौड़ाई काफी कम कर दी है जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही है। यह निर्माण कार्य भारतीय मानक ब्यूरो के जारी मानकीकृत विकास और भवन विनियम 2023 के निर्देशों के विपरीत है। नियमों के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों में सीढ़ियों की न्यूनतम चौड़ाई 1.5 मीटर निर्धारित की है ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षित और त्वरित निकासी सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ने सीढ़ियों की चौड़ाई घटाकर लगभग एक मीटर तक कर दी है। ऐसी स्थिति में एक साथ दो लोगों का चलना मुश्किल हो गया है।
विधि विभाग विश्वविद्यालय के सबसे बड़े विभागों में शामिल है। यहां प्रतिदिन करीब 600 से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं और कक्षाओं के दौरान सीढ़ियों पर भारी आवाजाही रहती है। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि सार्वजनिक भवनों में सीढ़ियां आपातकालीन निकासी का मुख्य मार्ग होती हैं। एबीवीपी अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य की कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं किया तो विद्यार्थी परिषद इस मुद्दे को कैंपस में जोरदार तरीके से उठाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस मामले को माननीय उच्च न्यायालय में भी चुनौती दी जाएगी।
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