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Shimla News: शहर में घर-घर स्वच्छता सर्वे करने के लिए आएंगी महिलाएं
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70 हजार घरों में सर्वेक्षण करने का लक्ष्य
नगर निगम के मोबाइल नंबर पर भी दे सकते हैं शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने जा रहा है। आने वाले दिनों में शहर के हर वार्ड में महिलाओं की टीमें सर्वेक्षण करने आएंगी। डेढ़ महीने तक यह अभियान चलेगा।
कार्पोरेशन हेल्थ ऑफिसर डॉ. अंजलि चौहान ने यह जानकारी दी है। शिमला को स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल बनाने और शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगर निगम यह अभियान चला रहा है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने शनिवार को इस अभियान को लेकर हरी झंडी दिखाई। आयुक्त ने बताया कि यह महिलाएं शहर में 70 हजार घरों में जाएंगी। हेल्थ ऑफिसर डॉ. अंजलि चौहान ने बताया कि टीम कचरे के निष्पादन को लेकर सवाल पूछेंगी। स्वच्छता एप को भी लोगों से मोबाइल फोन में डाउनलोड करवाएगी। इसके अलावा लोग कूड़े को लेकर सुझाव और शिकायत 9805201916 नंबर पर दे सकते हैं।
सूखे कचरे को नीले कूड़ेदान में डाले
सूखे कचरे में प्लास्टिक कवर, बोतलें, बक्से, चिप्स, टाॅफी, प्लास्टिक कप, दूध, दही के पैकेट, कोलडि्रंक के खाली डिब्बे, रबर, थर्मोकोल, पुराने कपड़े, डस्टर्स, स्पंज, लकड़ी के टुकड़े, बाल, स्टेशनरी, अखबार, गत्ते और पिज्जा के बक्से, ट्रेट्रापैक्स, पेपर कप और प्लेट शामिल हैं। इन्हें नीले कूड़ेदान में डालना होगा।
गीला कचरे को हरे कूड़ेदान में डाले
रसोई का कचरा जिसमें कि सब्जियाें, फलों के छिलके, पक्का हुआ व बचा हुआ भोजन, अंडे के छिलके, चिकन, मछली की हड्डियां, सड़े फल, सब्जियां, गंदा टिश्यू पेपर, चाय बैग, चाय की पत्ती, पते के पलेटस, नारियल की खोल, गिरी हुई पत्तियां, टहनियां, पूजा के फूल, मालाएं घास।
गीला कचरा हरे कूड़ेदान में डालें
रसोई का कचरा जिसमें सब्जियां, फलों के छिलके, पक्का हुआ और बचा हुआ भोजन, अंडे के छिलके, चिकन, मछली की हड्डियां, सड़े फल, सब्जियां, गंदा टिशु पेपर, चाय बैग, चाय की पत्ती, पतों की प्लेट, नारियल का खोल, गिरी हुई पत्तियां, टहनियां, पूजा के फूल, मालाएं हरे कूड़ेदान में डालनी होंगी।
हानिकारक कचरा लाल कूड़ेदान में डालें
ई-कचरा में प्रिंटर, प्रिंटर की स्याही, इलेक्ट्राॅनिक पुर्जे, इलेक्ट्राॅनिक उपकरण, रसायन, रसायन के खाली डिब्बे, पेंट, तेल, थिनर, कीटनाशक, कीटनाशक के खाली डिब्बे शामिल हैं। इसके अलावा घरेलू चिकित्सा अपशिष्ट जिसमें थर्मामीटर, त्यागी हुई दवाइयां, सेनेटरी वेस्ट और डायपर भी हानिकारक ई-कचरे में शामिल हैं। इन्हें लाल कूड़ेदान में डालना चाहिए।
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नगर निगम के मोबाइल नंबर पर भी दे सकते हैं शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने जा रहा है। आने वाले दिनों में शहर के हर वार्ड में महिलाओं की टीमें सर्वेक्षण करने आएंगी। डेढ़ महीने तक यह अभियान चलेगा।
कार्पोरेशन हेल्थ ऑफिसर डॉ. अंजलि चौहान ने यह जानकारी दी है। शिमला को स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल बनाने और शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगर निगम यह अभियान चला रहा है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने शनिवार को इस अभियान को लेकर हरी झंडी दिखाई। आयुक्त ने बताया कि यह महिलाएं शहर में 70 हजार घरों में जाएंगी। हेल्थ ऑफिसर डॉ. अंजलि चौहान ने बताया कि टीम कचरे के निष्पादन को लेकर सवाल पूछेंगी। स्वच्छता एप को भी लोगों से मोबाइल फोन में डाउनलोड करवाएगी। इसके अलावा लोग कूड़े को लेकर सुझाव और शिकायत 9805201916 नंबर पर दे सकते हैं।
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सूखे कचरे को नीले कूड़ेदान में डाले
सूखे कचरे में प्लास्टिक कवर, बोतलें, बक्से, चिप्स, टाॅफी, प्लास्टिक कप, दूध, दही के पैकेट, कोलडि्रंक के खाली डिब्बे, रबर, थर्मोकोल, पुराने कपड़े, डस्टर्स, स्पंज, लकड़ी के टुकड़े, बाल, स्टेशनरी, अखबार, गत्ते और पिज्जा के बक्से, ट्रेट्रापैक्स, पेपर कप और प्लेट शामिल हैं। इन्हें नीले कूड़ेदान में डालना होगा।
गीला कचरे को हरे कूड़ेदान में डाले
रसोई का कचरा जिसमें कि सब्जियाें, फलों के छिलके, पक्का हुआ व बचा हुआ भोजन, अंडे के छिलके, चिकन, मछली की हड्डियां, सड़े फल, सब्जियां, गंदा टिश्यू पेपर, चाय बैग, चाय की पत्ती, पते के पलेटस, नारियल की खोल, गिरी हुई पत्तियां, टहनियां, पूजा के फूल, मालाएं घास।
गीला कचरा हरे कूड़ेदान में डालें
रसोई का कचरा जिसमें सब्जियां, फलों के छिलके, पक्का हुआ और बचा हुआ भोजन, अंडे के छिलके, चिकन, मछली की हड्डियां, सड़े फल, सब्जियां, गंदा टिशु पेपर, चाय बैग, चाय की पत्ती, पतों की प्लेट, नारियल का खोल, गिरी हुई पत्तियां, टहनियां, पूजा के फूल, मालाएं हरे कूड़ेदान में डालनी होंगी।
हानिकारक कचरा लाल कूड़ेदान में डालें
ई-कचरा में प्रिंटर, प्रिंटर की स्याही, इलेक्ट्राॅनिक पुर्जे, इलेक्ट्राॅनिक उपकरण, रसायन, रसायन के खाली डिब्बे, पेंट, तेल, थिनर, कीटनाशक, कीटनाशक के खाली डिब्बे शामिल हैं। इसके अलावा घरेलू चिकित्सा अपशिष्ट जिसमें थर्मामीटर, त्यागी हुई दवाइयां, सेनेटरी वेस्ट और डायपर भी हानिकारक ई-कचरे में शामिल हैं। इन्हें लाल कूड़ेदान में डालना चाहिए।