उपचुनाव: धर्मशाला में दो दशक में भाजपा की दूसरी बड़ी जीत
धर्मशाला विधानसभा चुनाव के दो दशक के इतिहास में भाजपा की विशाल नैहरिया के रूप में दूसरी सबसे बड़ी जीत हुई है। विशाल नैहरिया ने धर्मशाला उपचुनाव में 6,758 मतों से जीत दर्ज की है, जबकि इससे पहले भाजपा ने साल 2007 में 7,616 मतों से बड़ी जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने दो बार करीब पांच-पांच हजार मतों से जीत दर्ज की है। एक बार भाजपा ने ढाई हजार से अधिक मतों से सीट जीती है।
साल 2003 में भाजपा के किशन कपूर को कांग्रेस की चंद्रेश कुमारी ने 5,118 मतों से हराया था। भाजपा को 17,063 मत मिले थे जबकि कांग्रेस ने 22,181 मत हासिल किए थे। 2007 में भाजपा के किशन कपूर को 20,362, कांग्रेस की चंद्रेश कुमारी को 12,746 मत मिले थे। साल 2012 में कांग्रेस के सुधीर शर्मा को 21,241, भाजपा के किशन कपूर को 16,241 मत मिले थे। सुधीर शर्मा ने पूरे पांच हजार मतों से सीट जीती थी। 2017 में भाजपा के किशन कपूर ने 25,629 वोट हासिल कर कांग्रेस के सुधीर शर्मा को 2,820 वोट से हराया था। कांग्रेस को 22,809 मत मिले थे।
छात्र राजनीति में नैहरिया ने एक साल में जीते थे दो चुनाव
नवनिर्वाचित विधायक विशाल नैहरिया ने छात्र राजनीति में रहते हुए एक ही साल में दो चुनाव जीते थे। इसमें छात्र राजनीति में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पैनल में विशाल ने वर्ष 2009 में अगस्त में हिमाचल प्रदेश विवि के क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला में एससीए अध्यक्ष का चुनाव जीता। उसके पांच महीने बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की छात्र परिषद चुनाव में महासचिव पद पर जीत दर्ज करवाई थी।
जिस कॉलेज में पढ़े, उसी में हासिल किया विधायक का प्रमाण पत्र
धर्मशाला के नवनिर्वाचित विधायक विशाल नैहरिया जिस महाविद्यालय में पढ़े हैं, उसी में विधायक का प्रमाण पत्र हासिल किया। विशाल नैहरिया ने साल 2009 में स्नातक और 2012 में बीएएलएलबी की पढ़ाई हिमाचल विवि क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला से की थी। वीरवार को धर्मशाला महाविद्यालय में ही विधानसभा उपचुनाव के मतों की गिनती हुई। यहीं पर नैहरिया को विधायक बनने का प्रमाण पत्र दिया गया।