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Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Divine Shiv Mahapuran Message from Naimisharanya in Sawan 2026 know importance in hindi

Sawan 2026: श्रावण मास में नैमिषारण्य से शिवमहापुराण का दिव्य संदेश

Sun, 02 Aug 2026 12:02 PM IST
Gopal Shastri ji गोपाल शास्त्री
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:02 PM IST
सार

Sawan 2026: शिवमहापुराण का मूल संदेश केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है। यह मानव को जीव से शिव बनने की यात्रा का मार्ग दिखाता है। भगवान शिव का प्रत्येक स्वरूप गहन आध्यात्मिक संदेश देता है

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Divine Shiv Mahapuran Message from Naimisharanya in Sawan 2026 know importance in hindi
sawan 2026 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Shiv Mahapuran Message from Naimisharanya in Sawan 2026: श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का सर्वोत्तम काल माना गया है। प्राचीन धर्मग्रंथों में वर्णित नैमिषारण्य केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि वह दिव्य तपोभूमि है जहां महर्षि शौनक सहित अठासी हजार ऋषियों ने सूत जी के श्रीमुख से शिवमहापुराण का श्रवण कर शिवतत्त्व के गूढ़ रहस्यों का साक्षात्कार किया। इसी कारण नैमिषारण्य को शिवज्ञान, तप, साधना और आत्मबोध की पावन भूमि माना जाता है।

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क्या कहता है शिवमहापुराण ?

शिवमहापुराण का मूल संदेश केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है। यह मानव को जीव से शिव बनने की यात्रा का मार्ग दिखाता है। भगवान शिव का प्रत्येक स्वरूप गहन आध्यात्मिक संदेश देता है, मस्तक पर विराजमान गंगा ज्ञान की निर्मल धारा का प्रतीक है, चन्द्रमा शीतल विवेक का, तीसरा नेत्र आत्मज्ञान का तथा नीलकण्ठ संसार के विष को धारण कर भी लोकमंगल के लिए समर्पित रहने का संदेश देता है। श्रावण मास का वास्तविक अर्थ केवल जलाभिषेक करना नहीं, बल्कि अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ, मोह और ईर्ष्या का अभिषेक कर उन्हें शिवचरणों में समर्पित करना है। बाहरी पूजा तभी सार्थक होती है जब मन, वचन और कर्म भी पवित्र बनें।

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आज के समय में समाज को शिवमहापुराण से यह प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए कि धर्म का आधार केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि सत्य, करुणा, संयम, सेवा, प्रकृति संरक्षण, सद्भाव और लोककल्याण है। जब व्यक्ति अपने भीतर शिवतत्त्व को जागृत करता है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र में शांति, समरसता और आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलता है। श्रावण मास के पावन अवसर पर कालीपीठ नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं से आह्वान किया गया है कि वे भगवान महाकालेश्वर शिव के रुद्राभिषेक, शिवमहापुराण श्रवण तथा ध्यान-साधना के माध्यम से अपने जीवन को शिवमय बनाएं और सनातन संस्कृति के इस दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें।

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शुरू हुआ सावन 2026
30 जुलाई 2026, गुरुवार से पवित्र सावन माह का शुभारंभ हो चुका है। भगवान शिव की आराधना को समर्पित यह पावन महीना 28 अगस्त तक रहेगा। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ रहा है। इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ संयोग बनेगा। 


सावन सोमवार 2026

  • पहला सावन सोमवार - 3 अगस्त 2026
  • दूसरा सावन सोमवार - 10 अगस्त 2026
  • तीसरा सावन सोमवार - 17 अगस्त 2026
  • चौथा सावन सोमवार - 24 अगस्त 2026


कालीपीठाधीश्वर 
गोपाल शास्त्री जी शक्तिपीठ श्री ललिता देवी मंदिर नैमिषारण्य काली पीठाधीश्वर के प्रधान पुजारी हैं।

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