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एएफसी विमेंस एशियन कप: जापान ने तीसरी बार जीता खिताब, फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से रौंदा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sat, 21 Mar 2026 10:26 PM IST
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सार
एएफसी विमेंस एशियन कप में जापान ने ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर तीसरी बार खिताब जीत लिया।जापान ने इससे पहले 2014 और 2018 में भी ऑस्ट्रेलिया को हराकर यह ट्रॉफी अपने नाम की थी।
जापान ने तीसरी बार जीता खिताब
- फोटो : IANS
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विस्तार
जापान ने एएफसी विमेंस एशियन कप 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट के इतिहास में तीसरी बार खिताब अपने नाम किया है। यह मुकाबला शनिवार को स्टेडियम ऑस्ट्रेलिया में खेला गया। जापान ने इससे पहले 2014 और 2018 में यह खिताब जीता था। दोनों ही बार ऑस्ट्रेलिया को हराकर टाइटल अपने नाम किया था।
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दर्शकों में दिखा भारी उत्साह
मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने 74,397 दर्शकों की रिकॉर्ड भीड़ के सामने फाइनल में शानदार शुरुआत की। स्ट्राइकर मैरी फाउलर ने एक सटीक लंबे पास के जरिए केटलिन फोर्ड तक गेंद पहुंचाकर इस मूव की शुरुआत की। फोर्ड ने कप्तान सैम केर के लिए गोल करने का एक बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन जापान की गोलकीपर यामाशिता ने शानदार बचाव करते हुए उस शॉट को रोक दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 11वें मिनट में एक बार फिर गोल करने की कोशिश की, लेकिन जापान के मजबूत डिफेंस ने उन्हें रोका।
मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने 74,397 दर्शकों की रिकॉर्ड भीड़ के सामने फाइनल में शानदार शुरुआत की। स्ट्राइकर मैरी फाउलर ने एक सटीक लंबे पास के जरिए केटलिन फोर्ड तक गेंद पहुंचाकर इस मूव की शुरुआत की। फोर्ड ने कप्तान सैम केर के लिए गोल करने का एक बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन जापान की गोलकीपर यामाशिता ने शानदार बचाव करते हुए उस शॉट को रोक दिया। ऑस्ट्रेलिया ने 11वें मिनट में एक बार फिर गोल करने की कोशिश की, लेकिन जापान के मजबूत डिफेंस ने उन्हें रोका।
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मैच का हाल
ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती दबदबे के बावजूद, जापान ने खेल के प्रवाह के विपरीत जाते हुए 17वें मिनट में गोल दागा। हमानो ने पेनाल्टी एरिया के बाहर जगह बनाई, तेजी से घूमीं, और एक घुमावदार शॉट लगाया जो मैकेंजी अर्नोल्ड को छकाते हुए गोल के निचले कोने में जा समाया। इसके बाद जापान ने अपनी बेहतरीन पासिंग के दम पर खेल की रफ्तार को नियंत्रित किया। हालांकि, यामाशिता की एक गलत क्लीयरेंस के कारण ऑस्ट्रेलिया को बराबरी का सुनहरा मौका मिल गया, जब गेंद फोर्ड के पास जा गिरी। फोर्ड के शॉट को हाना ताकाहाशी ने डिफ्लेक्ट करके गोल बचा लिया।
पहले हाफ के आखिरी पलों में जापान को अपनी बढ़त दोगुनी करने का एक और मौका मिला। डिफेंस की एक चूक के कारण हिकारू कितागावा को गोल करने का बेहतरीन मौका मिल गया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की गोलकीपर अर्नोल्ड ने उनके प्रयास को नाकाम कर दिया।
दूसरा हाफ भी काफी तेजी से आगे बढ़ा। जहां एक तरफ जापान दूसरे गोल की तलाश में था, वहीं ऑस्ट्रेलिया ने धीरे-धीरे गेंद पर अपना नियंत्रण बनाना शुरू किया और गोल के मौके बनाए। मिडफील्ड में गेंद पर कब्जा करने के बाद कायरा कूनी-क्रॉस ने एक लंबी दूरी से गोल करने की साहसी कोशिश की, लेकिन वह यामाशिता को परेशान करने में नाकाम रहीं और उन्होंने आसानी से उस शॉट को रोक लिया। मैच के आखिरी चरणों में, जापान ने पूरी तरह से डिफेंसिव रणनीति अपना ली और ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेल में बराबरी करने के लिए किए गए सभी हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया।
ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती दबदबे के बावजूद, जापान ने खेल के प्रवाह के विपरीत जाते हुए 17वें मिनट में गोल दागा। हमानो ने पेनाल्टी एरिया के बाहर जगह बनाई, तेजी से घूमीं, और एक घुमावदार शॉट लगाया जो मैकेंजी अर्नोल्ड को छकाते हुए गोल के निचले कोने में जा समाया। इसके बाद जापान ने अपनी बेहतरीन पासिंग के दम पर खेल की रफ्तार को नियंत्रित किया। हालांकि, यामाशिता की एक गलत क्लीयरेंस के कारण ऑस्ट्रेलिया को बराबरी का सुनहरा मौका मिल गया, जब गेंद फोर्ड के पास जा गिरी। फोर्ड के शॉट को हाना ताकाहाशी ने डिफ्लेक्ट करके गोल बचा लिया।
पहले हाफ के आखिरी पलों में जापान को अपनी बढ़त दोगुनी करने का एक और मौका मिला। डिफेंस की एक चूक के कारण हिकारू कितागावा को गोल करने का बेहतरीन मौका मिल गया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की गोलकीपर अर्नोल्ड ने उनके प्रयास को नाकाम कर दिया।
दूसरा हाफ भी काफी तेजी से आगे बढ़ा। जहां एक तरफ जापान दूसरे गोल की तलाश में था, वहीं ऑस्ट्रेलिया ने धीरे-धीरे गेंद पर अपना नियंत्रण बनाना शुरू किया और गोल के मौके बनाए। मिडफील्ड में गेंद पर कब्जा करने के बाद कायरा कूनी-क्रॉस ने एक लंबी दूरी से गोल करने की साहसी कोशिश की, लेकिन वह यामाशिता को परेशान करने में नाकाम रहीं और उन्होंने आसानी से उस शॉट को रोक लिया। मैच के आखिरी चरणों में, जापान ने पूरी तरह से डिफेंसिव रणनीति अपना ली और ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेल में बराबरी करने के लिए किए गए सभी हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया।