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Amar Ujala Samwad: संघर्ष को ताकत बनाकर इतिहास रचने वाले अमन होंगे हमारे खास मेहमान, युवाओं को करेंगे प्रेरित
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Mon, 18 May 2026 09:53 AM IST
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सार
'संवाद उत्तर प्रदेश 2026' में अमन सहरावत अपने संघर्ष, अनुशासन, फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के अनुभव साझा करेंगे। खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों के लिए उनका सत्र खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।
अमन सहरावत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमर उजाला समूह की ओर से आयोजित किए जा रहे 'संवाद उत्तर प्रदेश 2026' कार्यक्रम में खेल जगत की कई दिग्गज हस्तियां शामिल होंगी। इसी क्रम में पेरिस ओलंपिक 2024 के कांस्य पदक विजेता और भारतीय कुश्ती के युवा स्टार अमन सहरावत भी मंच पर नजर आएंगे। दो दिवसीय इस विशेष आयोजन में 20 से अधिक सत्र आयोजित होंगे, जिनमें 35 से ज्यादा अतिथि प्रदेश के विकास, खेल, राजनीति, मनोरंजन, अध्यात्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। यह आयोजन 18 और 19 मई को द सेंट्रम होटल में सुबह नौ बजे से शुरू होगा।
संघर्ष से निकला नया सितारा
16 जुलाई 2003 को हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर गांव में जन्मे अमन सहरावत ने बेहद छोटी उम्र में जीवन की कठिन चुनौतियों का सामना किया। बचपन में मिट्टी के अखाड़ों से कुश्ती शुरू करने वाले अमन ने 2012 ओलंपिक में सुशील कुमार का प्रदर्शन देखकर पहलवान बनने का सपना देखा। इसके बाद वह मात्र 10 साल की उम्र में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे। अमन की जिंदगी में सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब 11 साल की उम्र में उन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कुश्ती को ही अपना लक्ष्य बना लिया। उनके चाचाओं ने उनका सहारा बनकर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
16 जुलाई 2003 को हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर गांव में जन्मे अमन सहरावत ने बेहद छोटी उम्र में जीवन की कठिन चुनौतियों का सामना किया। बचपन में मिट्टी के अखाड़ों से कुश्ती शुरू करने वाले अमन ने 2012 ओलंपिक में सुशील कुमार का प्रदर्शन देखकर पहलवान बनने का सपना देखा। इसके बाद वह मात्र 10 साल की उम्र में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे। अमन की जिंदगी में सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब 11 साल की उम्र में उन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कुश्ती को ही अपना लक्ष्य बना लिया। उनके चाचाओं ने उनका सहारा बनकर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
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अंतरराष्ट्रीय मंच पर बनाई पहचान
छत्रसाल स्टेडियम में कोच ललित कुमार के मार्गदर्शन में अमन ने अपने खेल को नई दिशा दी। वर्ष 2021 में उन्होंने पहली बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब जीता। इसके बाद 2022 में उन्होंने अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसी साल अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय पहलवान बने। साल 2023 में भी अमन का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने अस्ताना में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता, जबकि एशियन गेम्स में 57 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। जनवरी 2024 में जाग्रेब ओपन रेसलिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने अपनी बेहतरीन तैयारी का संकेत दिया।
छत्रसाल स्टेडियम में कोच ललित कुमार के मार्गदर्शन में अमन ने अपने खेल को नई दिशा दी। वर्ष 2021 में उन्होंने पहली बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब जीता। इसके बाद 2022 में उन्होंने अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसी साल अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय पहलवान बने। साल 2023 में भी अमन का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने अस्ताना में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता, जबकि एशियन गेम्स में 57 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। जनवरी 2024 में जाग्रेब ओपन रेसलिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने अपनी बेहतरीन तैयारी का संकेत दिया।
पेरिस ओलंपिक में रचा इतिहास
अमन सहरावत पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालिफाई करने वाले भारत के इकलौते पुरुष पहलवान थे। ओलंपिक में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन कांस्य पदक मुकाबले में अमेरिका के डेरियन क्रूज को 13-5 से हराकर उन्होंने इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ अमन सहरावत व्यक्तिगत ओलंपिक पदक जीतने वाले भारत के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं अमन
'संवाद उत्तर प्रदेश 2026' में अमन सहरावत अपने संघर्ष, अनुशासन, फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के अनुभव साझा करेंगे। खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों के लिए उनका सत्र खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।
अमन सहरावत पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालिफाई करने वाले भारत के इकलौते पुरुष पहलवान थे। ओलंपिक में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन कांस्य पदक मुकाबले में अमेरिका के डेरियन क्रूज को 13-5 से हराकर उन्होंने इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ अमन सहरावत व्यक्तिगत ओलंपिक पदक जीतने वाले भारत के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं अमन
'संवाद उत्तर प्रदेश 2026' में अमन सहरावत अपने संघर्ष, अनुशासन, फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के अनुभव साझा करेंगे। खेल प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों के लिए उनका सत्र खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।
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