अरशद नदीम हुए उलटफेर के शिकार: 2024 ओलंपिक और 2022 CWG चैंपियन 3 थ्रो के बाद ही हुआ बाहर, 77.41 मीटर रहा बेस्ट
पाकिस्तान के ओलंपिक 2024 और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 चैंपियन अरशद नदीम ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भाला फेंक फाइनल में बड़ा उलटफेर झेल गए। वह तीन थ्रो के बाद ही बाहर हो गए। वहीं भारत के नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह ने अंतिम-8 में जगह बनाकर पदक की दौड़ बरकरार रखी।
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ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में शनिवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। 2024 पेरिस ओलंपिक और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के स्टार जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम शुरुआती तीन प्रयासों के बाद ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 77.41 मीटर रहा, जिसके चलते वह शीर्ष-8 में जगह नहीं बना सके। वहीं, श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराजे ने 89.75 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। भारत के नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के साथ रजत और यशवीर सिंह ने अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
भाला फेंक फाइनल के नियमों के अनुसार सभी 12 खिलाड़ी शुरुआती तीन थ्रो करते हैं। इसके बाद केवल शीर्ष-8 खिलाड़ी ही अंतिम तीन प्रयासों (चौथे, पांचवें और छठे थ्रो) के लिए क्वालिफाई करते हैं। अरशद नौवें स्थान पर रहे और इसी कारण उन्हें आगे थ्रो करने का मौका नहीं मिला।
चार खिलाड़ी तीन थ्रो के बाद ही बाहर
अरशद नदीम के अलावा नाइजीरिया के चिनेचेरेम ननामडी (76.29 मीटर), ऑस्ट्रेलिया के कैमरन मैकइंटायर (72.34 मीटर) और बहामास के कीशॉन स्ट्राचन (70.39 मीटर) भी शीर्ष-8 में जगह नहीं बना सके और तीन प्रयासों के बाद ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
अरशद नदीम के तीनों थ्रो
| प्रयास | दूरी |
|---|---|
| पहला | फाउल |
| दूसरा | 77.41 मीटर (सर्वश्रेष्ठ) |
| तीसरा | 75.39 मीटर |
तीन थ्रो के बाद स्थान: 9वां (अंतिम-8 में जगह नहीं बना सके, इसलिए प्रतियोगिता से बाहर हो गए)
भारत के तीनों खिलाड़ी अंतिम-8 में
भारतीय दल के लिए राहत की बात यह रही कि उसके तीनों जैवलिन थ्रोअर शुरुआती तीन प्रयासों के बाद शीर्ष-8 में बने रहे।
- नीरज चोपड़ा – 85.83 मीटर (दूसरा स्थान)
- रोहित यादव – 81.56 मीटर (पांचवां स्थान)
- यशवीर सिंह – 81.33 मीटर (छठा स्थान)
तीन थ्रो के बाद नीरज चोपड़ा दूसरे स्थान पर थे और स्वर्ण पदक की दौड़ में मजबूती से बने हुए थे।
थरंगा ने पहले ही तीन थ्रो में मारी बाजी
श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराजे शुरुआती तीन प्रयासों के बाद शीर्ष पर रहे। उन्होंने दूसरे प्रयास में 89.75 मीटर का शानदार थ्रो किया, जो उस समय प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उनके पीछे नीरज चोपड़ा 85.83 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर थे, जबकि दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिट 82.88 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर थे।
अरशद अपने पुराने प्रदर्शन के आसपास भी नहीं पहुंचे
अरशद नदीम का 77.41 मीटर का प्रदर्शन उनके हाल के बड़े टूर्नामेंटों के मुकाबले काफी फीका रहा।
- कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (बर्मिंघम): 90.18 मीटर (स्वर्ण)
- पेरिस ओलंपिक 2024: 92.97 मीटर (स्वर्ण और ओलंपिक रिकॉर्ड)
ग्लास्गो में वह इन दोनों ऐतिहासिक प्रदर्शनों के करीब भी नहीं पहुंच सके और तीन प्रयासों के बाद ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए। यह उनके लिए हाल के वर्षों का सबसे बड़ा उलटफेर रहा।
तीन थ्रो के बाद शीर्ष-8 की स्थिति कैसी थी
| स्थान | खिलाड़ी | देश | सर्वश्रेष्ठ थ्रो |
|---|---|---|---|
| 1 | रुमेश थरंगा पथिराजे | श्रीलंका | 89.75 मीटर |
| 2 | नीरज चोपड़ा | भारत | 85.83 मीटर |
| 3 | डाउ स्मिट | दक्षिण अफ्रीका | 82.88 मीटर |
| 4 | एंडरसन पीटर्स | ग्रेनाडा | 82.55 मीटर |
| 5 | रोहित यादव | भारत | 81.56 मीटर |
| 6 | यशवीर सिंह | भारत | 81.33 मीटर |
| 7 | बेन ईस्ट | इंग्लैंड | 81.12 मीटर |
| 8 | केशॉर्न वॉलकॉट | त्रिनिदाद एवं टोबैगो | 78.72 मीटर |