फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   How Is Judo Played? Rules Explained and How Asmita Dey & Harsh Singh Ended India's Commonwealth Gold Drought

Explainer: जूडो में कैसे मिलती है जीत? जानिए खेल के नियम और कैसे अस्मिता डे-हर्ष सिंह ने रचा स्वर्णिम इतिहास

Sat, 01 Aug 2026 02:43 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ग्लास्गो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ग्लास्गो Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 01 Aug 2026 02:43 AM IST
सार

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने जूडो में नया इतिहास रच दिया। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने स्वर्ण, जबकि यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीता। जानिए जूडो कैसे खेला जाता है, इसमें अंक कैसे मिलते हैं और भारत ने 34 साल का स्वर्ण पदक का इंतजार कैसे खत्म किया।

विज्ञापन
How Is Judo Played? Rules Explained and How Asmita Dey & Harsh Singh Ended India's Commonwealth Gold Drought
अस्मिता और हर्ष - फोटो : IANS

विस्तार

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारतीय जूडो के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। जिस खेल में भारत ने 1990 से लेकर 2022 तक एक भी स्वर्ण पदक नहीं जीता था, उसी खेल में इस बार एक ही दिन दो-दो गोल्ड आ गए। पहले महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में अस्मिता डे ने इतिहास रचा और भारत को जूडो का पहला कॉमनवेल्थ स्वर्ण दिलाया।

विज्ञापन


इसके कुछ ही मिनट बाद 23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष वरीय खिलाड़ी जोशुआ काट्ज़ को हराकर स्वर्ण जीत लिया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो के पुरुष वर्ग में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। यामिनी मौर्य ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर इस ऐतिहासिक दिन को और यादगार बना दिया। भारत ने पहली बार किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने का कारनामा किया।

विज्ञापन

क्या है जूडो और कैसे खेला जाता है?
 

  • जूडो जापान में विकसित एक ओलंपिक मार्शल आर्ट है, जिसकी शुरुआत 1882 में जिगोरो कानो ने की थी। यह ताकत से ज्यादा तकनीक, संतुलन और सही समय पर सही दांव लगाने का खेल माना जाता है। मुकाबला एक गद्देदार मैट, जिसे तातामी कहा जाता है, पर खेला जाता है। दोनों खिलाड़ी विशेष पोशाक जुडोगी पहनते हैं और एक-दूसरे की जैकेट पकड़कर मुकाबला शुरू करते हैं। लक्ष्य होता है प्रतिद्वंद्वी को नियंत्रित करते हुए उसकी पीठ के बल मैट पर गिराना, उसे जमीन पर दबाकर रखना या फिर उससे हार स्वीकार करवाना।
  • नियमित मुकाबला चार मिनट का होता है। यदि निर्धारित समय तक विजेता तय नहीं होता तो मुकाबला गोल्डन स्कोर में चला जाता है। इसमें जो खिलाड़ी सबसे पहले कोई भी स्कोर हासिल करता है, वही विजेता बन जाता है।
 

 

जूडो में कैसे मिलते हैं अंक?

1. इप्पोन (Ippon): सीधी जीत
इप्पोन जूडो का सबसे बड़ा स्कोर होता है। इसे हासिल करते ही मुकाबला तुरंत समाप्त हो जाता है। इप्पोन तब मिलता है जब खिलाड़ी:
 
  • प्रतिद्वंद्वी को पूरी ताकत, गति और नियंत्रण के साथ उसकी पीठ के बल गिरा दे।
  • प्रतिद्वंद्वी को लगातार 20 सेकंड तक मैट पर दबाकर रखे।
  • आर्म लॉक या चोकहोल्ड के जरिए प्रतिद्वंद्वी को हार मानने पर मजबूर कर दे।


इसे जूडो का 'नॉकआउट' भी कहा जाता है।

2. वाजा-आरी (Waza-ari): आधा अंक
यदि थ्रो अच्छा हो लेकिन इप्पोन की सभी शर्तें पूरी न हों, तो वाजा-आरी मिलता है। यह तब भी मिलता है जब खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को 10 से 19 सेकंड तक मैट पर दबाकर रखता है। यदि कोई खिलाड़ी दो वाजा-आरी हासिल कर लेता है तो उन्हें मिलाकर इप्पोन माना जाता है और मुकाबला समाप्त हो जाता है।

3. शिडो (Shido): पेनल्टी
यदि कोई खिलाड़ी लगातार बचाव करता है, मैट से बाहर जाता है, पकड़ बनाने से बचता है या अवैध तकनीक का इस्तेमाल करता है तो उसे शिडो दिया जाता है।
 

  • पहले दो शिडो चेतावनी माने जाते हैं।
  • तीसरा शिडो (हंसोकू-माके) मिलते ही खिलाड़ी अयोग्य घोषित कर दिया जाता है और प्रतिद्वंद्वी विजेता बन जाता है।
 

 

विज्ञापन

अस्मिता डे ने कैसे जीता स्वर्ण?
महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में अस्मिता डे ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार आक्रामक खेल दिखाया। फाइनल में उन्होंने शुरुआत से ही प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। पहले शानदार हिप थ्रो लगाकर बढ़त बनाई और फिर जमीन पर पकड़ (ओसाएकोमी-वाजा) मजबूत करते हुए प्रतिद्वंद्वी को तय समय तक मैट पर रोके रखा। इस शानदार नियंत्रण के दम पर उन्हें इप्पोन मिला और वह भारत को जूडो का पहला कॉमनवेल्थ स्वर्ण दिलाने वाली खिलाड़ी बन गईं।

 

हर्ष सिंह ने कैसे रचा इतिहास?
23 वर्षीय हर्ष सिंह ने पूरे टूर्नामेंट में संयम और आक्रामक रणनीति का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। उन्होंने शुरुआती मुकाबले में मलावी के चिकोंडी काथेवेरा को इप्पोन से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचे, जहां ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को वाजा-आरी के दम पर हराया। फाइनल में उनका सामना ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष वरीय जोशुआ काट्ज़ से हुआ। मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबे समय तक पकड़ (कुमी-काता) की रणनीतिक लड़ाई चली।

आखिरी एक मिनट से भी कम समय बचा था, तभी हर्ष ने प्रतिद्वंद्वी की आगे बढ़ने की कोशिश को भांप लिया। उन्होंने बेहतरीन ताई-ओतोशी (Tai-otoshi) तकनीक लगाते हुए काट्ज़ को जोरदार तरीके से गिराया। इस थ्रो पर उन्हें निर्णायक वाजा-आरी मिला और उन्होंने शेष समय तक बढ़त बरकरार रखते हुए 10-0 से मुकाबला जीत लिया। इस जीत के साथ हर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो के पुरुष वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।

 

34 साल बाद खत्म हुआ स्वर्ण का इंतजार
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार 1990 में जूडो में हिस्सा लिया था। 2022 तक भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 11 पदक (5 रजत और 6 कांस्य) जीते थे, लेकिन स्वर्ण पदक का सपना अधूरा था। ग्लास्गो 2026 में यह इंतजार खत्म हुआ और वह भी शानदार अंदाज में।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का जूडो रिकॉर्ड
संस्करण स्वर्ण रजत कांस्य कुल
1990–2022 0 5 6 11
ग्लास्गो 2026 2 1 0 3
कुल 2 6 6 14

ग्लास्गो 2026 में भारत के पदक विजेता
खिलाड़ी वर्ग पदक
अस्मिता डे महिला 48 किग्रा स्वर्ण
हर्ष सिंह पुरुष 60 किग्रा स्वर्ण
यामिनी मौर्य महिला 57 किग्रा रजत

भारत के लिए यह उपलब्धि सिर्फ तीन पदकों की कहानी नहीं है। यह उस मानसिक बाधा को तोड़ने वाली जीत है, जिसने दशकों तक भारतीय जूडो को स्वर्ण से दूर रखा। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने साबित कर दिया कि भारतीय जूडो अब केवल भागीदारी नहीं, बल्कि बड़े मंच पर चैंपियन बनने की क्षमता भी रखता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed